कौन हैं मानस रंजन मंगराज?, सस्मित पात्रा की जगह होंगे राज्यसभा में बीजेडी संसदीय दल नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक सुलता देव, नवीन पटनायक ने किया बदलाव?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 13, 2026 13:58 IST2026-04-13T13:53:54+5:302026-04-13T13:58:51+5:30
बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सांसद मानस रंजन मंगराज को राज्यसभा में पार्टी का नेता नियुक्त किया है।

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नई दिल्लीः ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बड़ा बदलाव किया है। बीजेडी ने राज्यसभा में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। मानस रंजन मंगराज को राज्यसभा में बीजेडी संसदीय दल का नेता और सुलता देव को राज्यसभा में बीजेडी संसदीय दल का उपनेता एवं मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है।
BJD appoints new office bearers in the Rajya Sabha.
— ANI (@ANI) April 13, 2026
Manas Ranjan Mangaraj appointed as the leader of the BJD Parliamentary Party in the Rajya Sabha, and Sulata Deo appointed as Deputy Leader & Chief Whip of the BJD Parliamentary Party in the Rajya Sabha. pic.twitter.com/8xHlnvCMoJ
बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सांसद मानस रंजन मंगराज को राज्यसभा में पार्टी का नेता नियुक्त किया है। मंगराज पिछले सप्ताह पद से इस्तीफा देने वाले सस्मित पात्रा का स्थान लेंगे। देव को राज्यसभा में बीजू जनता दल संसदीय दल की उपनेता और मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है। क्षेत्रीय पार्टी के वर्तमान में उच्च सदन में छह सदस्य हैं और लोकसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
12 अप्रैल को राज्यसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में पटनायक ने सदन में बीजू जनता दल के नव नियुक्त नेताओं को आधिकारिक मान्यता देने का अनुरोध किया। ये बदलाव 16 मार्च, 2026 को हुए द्विवार्षिक राज्यसभा चुनावों के तुरंत बाद हुए हैं। पात्रा ने एक पोस्ट में दोनों नेताओं को बधाई दी और मंगराज और देव को अपनी शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि वे ओडिशा के कल्याण के लिए उनके नेतृत्व में काम करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने नवीन पटनायक को पार्टी के फ्लोर लीडर के रूप में उन्हें पहले ही जिम्मेदारी सौंपने के लिए धन्यवाद भी दिया और बीजेडी के आदर्शों और नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
पात्रा का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब बीजेडी, कांग्रेस और सीपीआई (एम) के समर्थन प्राप्त दत्तेश्वर होता राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के बीच हार गए थे। पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में "क्रॉस-वोटिंग सहित पार्टी विरोधी गतिविधियों" के लिए अपने छह विधायकों को निलंबित कर दिया था। अनुशासनात्मक समिति ने विधायकों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के जवाबों की जांच की।
इसमें कहा गया है कि छह विधायकों ने बीजेडी संविधान के "मूल सिद्धांत" का उल्लंघन किया है। निलंबित विधायकों में बालिगुडा से चक्रमणि कन्हार, जयदेव से नबा किशोर मल्लिक, चौद्वार-कटक से सौविक बिस्वाल, बस्ता से सुबासिनी जेना, तिरटोल से रमाकांत भोई और बांकी से देवी रंजन त्रिपाठी शामिल हैं।
भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में ओडिशा से दो सीटें जीतीं, जबकि पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय भी निर्वाचित हुए। बीजेडी उम्मीदवार संतरूप मिश्रा निर्वाचित हुए जबकि बीजेडी, कांग्रेस और सीपीआई (एम) के समर्थन प्राप्त दत्तेश्वर होता हार गए। बीजेडी नेताओं ने भाजपा पर "हॉर्स ट्रेडिंग" का आरोप लगाया था।
इसी बीच, 29 मार्च को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बीजू पटनायक के खिलाफ की गई टिप्पणियों के विरोध में सस्मित पात्रा ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया।
राज्यसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में पात्रा ने लिखा, "विरोध में और सिद्धांत के तौर पर, मैं निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं ऐसे व्यक्ति के अधीन काम नहीं कर सकता जो स्वर्गीय बीजू पटनायक जी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करता है, जैसा कि उन्होंने आज एक सार्वजनिक बयान में किया।"