बिहार में सीओे और राजस्व कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से अंचल कार्यालयों में पसरा सन्नाटा, मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी कड़ी चेतावनी

By एस पी सिन्हा | Updated: March 9, 2026 16:07 IST2026-03-09T16:07:21+5:302026-03-09T16:07:28+5:30

बिहार राजस्व सेवा संघ और बिरसा यूनाइटेड के हड़ताल पर जाने के बाद उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सभी सीओ और राजस्व कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है।

Bihar's regional offices are deserted as COs and revenue officials go on an indefinite strike, with Minister Vijay Kumar Sinha issuing a stern warning | बिहार में सीओे और राजस्व कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से अंचल कार्यालयों में पसरा सन्नाटा, मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी कड़ी चेतावनी

बिहार में सीओे और राजस्व कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से अंचल कार्यालयों में पसरा सन्नाटा, मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी कड़ी चेतावनी

पटना: बिहार राजस्व सेवा संघ और बिरसा यूनाइटेड के आह्वान पर राज्य के सभी अंचलाधिकारी (सीओे) और राजस्व कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से राज्य के सभी अंचलों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। बिहार राजस्व सेवा संघ और बिरसा यूनाइटेड के हड़ताल पर जाने के बाद उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सभी सीओ और राजस्व कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि सीओ और राजस्व कर्मियों को अगर काम करना है तो सेवक बनकर करें नहीं तो सरकार उन्हें नौकरी हटाने की व्यवस्था करेगी। 

विजय कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार हड़ताल के हर दिन की गिनती कर रही है और यदि कर्मचारी जल्द काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हड़ताल करके अपनी मांगों को कमजोर कर रहे हैं। ये मौसम हड़ताल का नहीं बल्कि काम करने का था। मार्च का महीना मिलकर विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ाने का था। समस्या का समाधान करने का था। 

जनता के बीच के बीच अच्छा संदेश जाता। लेकिन हड़ताल करके जनता के मन में उन्होंने भ्रष्टाचारपोषित वातावरण को मजबूती प्रदान किया। विजय सिन्हा ने यह भी कहा कि अभी भी समय है। हमने आग्रह किया है कि जो लौट जायेंगे, उनका सम्मान बढ़ेगा और उनकी मांगों का समाधान भी किया जाएगा। लेकिन जो कर्मचारी अड़े रहेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने कहा कि जो जनता की समस्या का समाधान नहीं करेंगे, दबाव-प्रेशर की राजनीति कभी भी हम लोग नहीं स्वीकारते हैं। हम काम करने वाले का सम्मान करते हैं और ये जिन लोगों की मानसिकता, तालाबंदी हड़ताल से भौकाल बनाकर भय का माहौल खड़ा करेंगे, उस भौकाल को ही खत्म कर देंगे। 

विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारी जल्द काम पर नहीं लौटते हैं तो सरकार सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि अगर हड़ताल पर गए कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे तो हम उनकी नौकरी खत्म कर देंगे। अस्थाई बहाली का भी रास्ता खुला रखेंगे। इंतजार की घड़ी अब समाप्त हो रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने हड़ताल के पीछे साजिश की भी आशंका जताई। 

उन्होंने कहा कि साजिश करने वाले जो भू-माफिया हैं, वैसे लोगों को आने वाले दिनों में अफसोस होगा क्योंकि इससे हम प्रभावित नहीं होने वाले हैं। जो संकल्प एनडीए सरकार को इतने बड़े जनादेश के साथ मिला है, उस जनादेश का सम्मान करने के लिए जो भी कीमत अदा करना पड़ेगा, उसे हम करेंगे। विभाग में उनके 100 दिन पूरे होने पर विजय सिन्हा ने बताया कि इस दौरान कई अहम पहल किए गए। 

बिहार से जुड़ी सभी जमीन के लिए बिहार भूमि पोर्टल की शुरुआत की गई है। 12 दिसंबर से संवाद की शुरुआत की गई थी। उन्होंने कहा कि जिस दिन जब लोग नए साल का जश्न मना रहे थे, तब भी विभाग काम कर रहा था। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उनके कामों की सराहना की है। 

उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में काम में पारदर्शिता लाने से लोगों को बेचैनी बढ़ गई है। पहले जो लोग खूलकर घूमते रहते थे और जनता उनके पीछे घूमती रहती थी। उस संस्कृति को समाप्त किया गया। जिससे बेचैना साफ झलक रही है।

बता दें कि राजस्व सेवा के दो प्रमुख संगठनों, ‘बिहार राजस्व सेवा संघ’ (बिरसा) और ‘बिरसा यूनाइटेड’ के आह्वान पर प्रदेश के सभी अंचलाधिकारी (सीओ) अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का मुख्य कारण अंचलाधिकारियों की डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) के पद पर तैनाती न किया जाना है। 

संघ का आरोप है कि सरकार इस मामले में लगातार वादाखिलाफी कर रही है और माननीय उच्च न्यायालय के उस स्पष्ट आदेश की भी अनदेखी कर रही है, जिसमें राजस्व सेवा के अधिकारियों को डीसीएलआर पद पर तैनात करने की बात कही गई थी। इसके विरोध में उन्होंने कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है। 

अंचल कार्यालयों में काम बंद होने से इन योजनाओं की रफ्तार थम गई हैं। दाखिल-खारिज, जाति और आय प्रमाण पत्र जारी करने जैसे कई जरूरी काम अंचल कार्यालयों से ही होते हैं। ऐसे में हड़ताल के कारण आम लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जमीन विवादों के निपटारे और राजस्व वसूली जैसे कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है।

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