गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा?, सिन्हा के जवाब पर सीएम नीतीश ने मेज थपथपाकर किया समर्थन
By एस पी सिन्हा | Updated: February 12, 2026 15:23 IST2026-02-12T15:21:27+5:302026-02-12T15:23:20+5:30
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि सरकार जमीन सर्वे और मापी के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

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पटनाः बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान गुरुवार को उस वक्त दिलचस्प दृश्य देखने को मिला, जब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े एक मामले में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा के जवाब पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया। दरअसल, माकपा विधायक अजय कुमार ने समस्तीपुर में जमीन मापी से जुड़े एक पुराने प्रकरण में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला पिछले तीन वर्षों से लंबित है और जांच में गड़बड़ी के आरोप हैं। अजय कुमार ने दोषी अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
इस पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि सरकार जमीन सर्वे और मापी के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी ईमानदारी और दक्षता से काम करेंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा, लेकिन गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
विजय सिन्हा के इस सख्त रुख पर मुख्यमंत्री ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया। सदन में कुछ देर के लिए सकारात्मक माहौल बन गया। मंत्री ने आश्वासन दिया कि समस्तीपुर के मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आम लोगों को न्याय मिल सके। सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य में जमीन संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं, बरौली विधायक मंजीत सिंह के सवाल का जवाब देते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भूमि विवाद को आने वाली पीढ़ियों के लिए अभिशाप नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि असर्वेक्षित भूमि के सर्वेक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है और अगले दो वर्षों के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सरकार की प्राथमिकता है कि जिन जमीनों पर कोई विवाद नहीं है, उनका सर्वे पहले पूरा किया जाए, ताकि स्पष्ट अभिलेख तैयार हो सकें और भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। विजय सिन्हा ने कहा कि उनकी जनसुनवाई के दौरान कुल 46 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से लगभग 40 लाख आवेदन परिमार्जन से जुड़े हैं।
इन शिकायतों में नाम, खाता, खेसरा संख्या और अन्य अभिलेखीय त्रुटियों के सुधार की मांग की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इधर, सदन की कार्यवाही से पहले विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
राजद विधायकों ने विधानसभा पोर्टिको में बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी की। बैनर पर लिखा था, “बिहार अपराध और बेरोजगारी में नंबर वन है” तथा “मोदी-नीतीश से बिहार को बचाओ। वहीं कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन मुंह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध के मुद्दे पर बोलने से बच रही है। विपक्ष के इन प्रदर्शनों के बीच सदन की कार्यवाही शुरू हुई।