हत्या और बलात्कार से बिहार बेहाल, ‘गूंगी-बहरी’ सरकार?, विपक्षी दलों ने किया विधानमंडल में प्रदर्शन
By एस पी सिन्हा | Updated: February 19, 2026 16:08 IST2026-02-19T16:07:32+5:302026-02-19T16:08:55+5:30
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नीट छात्रा के साथ हुई घटना ने राज्य को शर्मसार किया है, लेकिन प्रशासन का रवैया अब भी उदासीन बना हुआ है।

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पटनाः बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को दोनों सदन के भीतर और बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। नीट छात्रा मामले को लेकर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे ‘गूंगी-बहरी’ सरकार करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायक हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विधानसभा परिसर में जमा हो गए। विपक्षी नेताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बेटियों की सुरक्षा के मामले में सरकार पूरी तरह विफल रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नीट छात्रा के साथ हुई घटना ने राज्य को शर्मसार किया है, लेकिन प्रशासन का रवैया अब भी उदासीन बना हुआ है।
विधान परिषद के बाहर नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ती हत्या, दुष्कर्म और बलात्कार की घटनाओं को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और जवाब की मांग की। राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में हालात बेहद चिंताजनक हैं। रेप, हत्या और बलात्कार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं,
लेकिन सरकार हालात पर नियंत्रण करने के बजाय अपनी पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष झुकने वाला नहीं है। राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में बेटियों को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं,
लेकिन राज्य की बेटियां डरने वाली नहीं हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी। उन्होंने हाल ही में मैट्रिक परीक्षा से जुड़े एक मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि एक छात्रा को केवल कुछ मिनट देर से पहुंचने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।
राबड़ी देवी ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने छात्रा को केंद्र में प्रवेश से रोका, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई छात्र दो-चार या पांच मिनट भी देर से पहुंचता है, तो उसे परीक्षा देने से रोकना कौन सा नियम है।
वहीं, विधानसभा में विपक्ष ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि बिहार की प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता प्रमाण है। विपक्षी नेताओं ने मांग की कि: दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की जाए और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित न्याय सुनिश्चित किया जाए।
राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री सदन में जवाब दें। यद्यपि इस मामले की जांच केंद्र सरकार की एजेंसी सीबीआई को सौंपी जा चुकी है और टीम जहानाबाद स्थित पीड़िता के घर का दौरा भी कर चुकी है, लेकिन विपक्ष जांच की गति से संतुष्ट नहीं है। विधायकों का आरोप है कि जांच की रफ्तार काफी धीमी है, जिससे साक्ष्यों के मिटने का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जानी चाहिए। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मुद्दे को सदन की कार्यवाही के दौरान भी पुरजोर तरीके से उठाएंगे। सदन के भीतर भी इस मामले पर तीखी नोकझोंक होने के पूरे आसार हैं।
सत्ता पक्ष की ओर से हालांकि यह कहा जा रहा है कि सरकार किसी को भी बचाने की कोशिश नहीं कर रही है और एजेंसी अपना काम निष्पक्षता से कर रही है, लेकिन विपक्ष के तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार का सियासी तापमान और बढ़ेगा।