बिहार विद्यालय परीक्षा समितिः 1,699 केंद्र और 15 लाख से अधिक परीक्षार्थी?
By एस पी सिन्हा | Updated: February 17, 2026 17:37 IST2026-02-17T17:36:33+5:302026-02-17T17:37:47+5:30
Bihar School Examination Board: भागलपुर जिले में खास बात यह रही कि जिले के चार परीक्षा केंद्रों को आदर्श परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है।

Bihar School Examination Board
पटनाः बिहार विद्यालय परीक्षा समिति(बीएसईबी) के द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा 2026 सोमवार को पूरे राज्य में शुरू हो गई, जिसमें 15 लाख से अधिक परीक्षार्थी 1,699 केंद्रों पर परीक्षा दे रहे है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग परीक्षा सेंटरों की तस्वीरें आईं हैं। इसी क्रम में पटना के दानापुर परीक्षा सेंटर का मामला सामने आया, जहां सेंटर पर लेट से पहुंचने की वजह से एक छात्रा को परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली। नियम के मुताबिक, देरी से पहुंचने पर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा देने की अनुमति नहीं है। इस दौरान छात्रा गेट पर ही बैठकर फूट-फूटकर रोने लगी।
इससे जुड़े एक वीडियो में देखा गया कि छात्रा गेट पर मौजूद शिक्षक से रिक्वेस्ट कर रही है। गेट खोलने के लिए हाथ जोड़कर गिडगिडाने लगी। साथ ही वह कह रही थी, प्लीज सर… प्लीज सर गेट खोल दीजिए ना सर। आखिरकार छात्रा को परीक्षा देने का अनुमति नहीं दिया गया। लेकिन वहां मौजूद शिक्षक ने उससे कहा कि उसका साल बर्बाद नहीं जाएगा।
सरकार फिर उसका परीक्षा लेगी। दूसरे परीक्षा सेंटरों पर यह भी देखा गया कि परीक्षार्थी दीवार फांदकर जबर्दस्ती सेंटर में घुसे। मुजफ्फरपुर जिले के एमएसकेबी स्कूल में देर से पहुंची छात्रा को परिजनों ने गोद में उठाकर चहारदीवारी पार कराई। इसके अलावा पटना के मिलर हाई स्कूल में एक छात्र 10 फिट ऊंचे दीवार को फांदकर सेंटर के अंदर कूद गया।
इस तरह से राज्य के अलग-अलग जिलों में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर रही। इसके साथ ही भागलपुर जिले में खास बात यह रही कि जिले के चार परीक्षा केंद्रों को आदर्श परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर परीक्षार्थियों का स्वागत बिल्कुल अलग अंदाज में किया गया। परीक्षार्थियों की एंट्री से पहले शिक्षकों की तरफ से उन्हें गुलाब का फूल देकर और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया।
बीएसईबी के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष लगभग 7.85 लाख छात्राएं और 7.26 लाख छात्र परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा 25 फरवरी तक चलेगी। बोर्ड ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। मुख्य गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा।
देर से पहुंचने वाले छात्रों को किसी भी परिस्थिति में अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बार बोर्ड ने अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल एडमिट कार्ड और पेन ही ले जाने की अनुमति दी गई है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
परीक्षा को नकल से मुक्त बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारी इस बार काफी सख्त दिखाई दे रही है। सभी जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को परीक्षा की निगरानी का जिम्मा दिया गया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और निगरानी व्यवस्था मौजूद है। दो स्तरों पर तलाशी की व्यवस्था की गई है।
पहली जांच मुख्य द्वार पर और दूसरी परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले की जा रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की कोशिश पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में व्यवधान डालने, अवैध प्रवेश करने या नकल करते पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज होगी और परीक्षार्थी को दो वर्षों तक परीक्षा से निष्कासित किया जा सकता है।