लाइव न्यूज़ :

बिहार: सम्राट चौधरी ने दी विपक्षी दलों को चुनौती, कहा- "हिम्मत है तो नीतीश कुमार को घोषित करें पीएम उम्मीदवार"

By एस पी सिन्हा | Updated: May 7, 2023 16:02 IST

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने बड़ी चुनौती देते हुए कहा कि अगर विपक्ष में हिम्मत है तो नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करें।

Open in App
ठळक मुद्देसम्राट चौधरी ने दी विपक्ष को चुनौती, बोले कि हिम्मत है तो नीतीश को बनाएं पीएम उम्मीदवार नीतीश 1994 में सबके सामने कहते थे कि नहीं बनेंगे मुख्यमंत्री, लेकिन कमरे में खुद को सीएम कहते थेलालू यादव की कृपा से सरकार चला रहे नीतीश कुमार के लिए मजबूरी हैं तेजस्वी यादव

पटना: केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी एकता की पहल कर रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर विपक्षी दलों को बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने बड़ी चुनौती दी है। उन्होंने रविवार को कहा कि अगर विपक्ष में हिम्मत है तो नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करें।

नीतीश कुमार के ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से होने वाली मुलाकात पर कटाक्ष करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यह सिर्फ टाइमपास मुलाकात होगी। नीतीश कुमार को चाहिए कि वे नवीन पटनायक से सीख लें। कैसे नवीन पटनायक ने ओडिशा में काम किया है, उसका अनुसरण करें।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब 9 मई को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से जल्द मुलाकात करेने भुवनेश्वर जाने वाले हैं। इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी एकता की बात करने वाले नीतीश कुमार को अगले लोकसभा चुनाव में बिहार की जनता ही सबक सिखा देगी। वर्ष 2014 में जदयू ने अकेले लोकसभा चुनाव लड़ा था तो सिर्फ 2 सीटें आई थी, इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव में नीतीश की पार्टी शून्य पर आउट हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि विपक्षी एकता के नाम पर नीतीश कुमार को न तो किसी दल का समर्थन मिलेगा और ना ही जनता का सर्मथन देगी। देश में 75 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी सरकार बनी है जो देश को विकास के नए आयाम पर ले जा रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टियों के कुकर्मों से मुक्त करने का काम नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। वहीं नीतीश कुमार के बार-बार यह कहने कि वे प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते हैं, इसपर सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार जो कहें, वह पक्का नहीं होने वाला होता है। उनसे बड़ा पलटीमार कोई नहीं है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में नीतीश कुमार सार्वजनिक रूप से कहते थे कि वे मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते, लेकिन बंद कमरे में कहते थे कि हमारे अलावा कोई और मुख्यमंत्री नहीं बन सकता। फिर राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश ने कहा था कि अब उनकी मुख्यमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है। लेकिन वर्ष 2000 में फिर से नीतीश कुमार 7 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बन गए। इसी तरह कई ऐसे उदहारण हैं, जब नीतीश ने जो कहा ठीक उसके विपरीत काम किया।

नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि लालू यादव की कृपा से सरकार चला रहे नीतीश कुमार के लिए मजबूरी है कि वे तेजस्वी यादव को हर जगह अपने साथ ले जाएं। इसी कारण इन दिनों पर नीतीश अपने साथ हर जगह तेजस्वी को ले जाते हैं। नीतीश जानते हैं कि वे लालू की कृपा से सरकार चला रहे हैं, ऐसे में लालू की हर बात मानने की मजबूरी है।

टॅग्स :नीतीश कुमारजेडीयूBihar BJPआरजेडीलालू प्रसाद यादवतेजस्वी यादव
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

क्राइम अलर्टबिहार सिपाही भर्ती घोटालाः मुश्किल में पूर्व डीजीपी एसके सिंघल?, ईओयू ने किया जवाब तलब, गंभीर खामियां सामने

भारत अधिक खबरें

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव