बिहार: बजट सत्र के दौरान विधान पार्षद डॉ. हर्षवर्धन आजाद के ग्रामीण चिकित्सकों को झोला छाप कहे जाने से भड़के ग्रामीण चिकित्सक
By एस पी सिन्हा | Updated: March 24, 2026 16:44 IST2026-03-24T16:44:20+5:302026-03-24T16:44:20+5:30
बिहार ग्रामीण चिकित्सक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशु तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विधान के द्वारा प्रशिक्षण के उपरांत 2026 में समिति बनाकर अभी तक नियुक्ति नहीं किया गया।

बिहार: बजट सत्र के दौरान विधान पार्षद डॉ. हर्षवर्धन आजाद के ग्रामीण चिकित्सकों को झोला छाप कहे जाने से भड़के ग्रामीण चिकित्सक
पटना: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान जदयू के विधान पार्षद डॉ. हर्ष वर्धन आजाद के द्वारा बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति एवं राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के द्वारा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को झोला छाप कहे जाने पर बेहद नाराजगी देखी जा रही है। इसके विरोध में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के द्वारा पिछले दिनों विधान पार्षद डॉ. हर्षवर्धन आजाद का पटना के गर्दनीबाग में पुतला दहन भी किया गया था। लेकिन अब यही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सड़कों पर उतर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही है।
बिहार ग्रामीण चिकित्सक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशु तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विधान के द्वारा प्रशिक्षण के उपरांत 2026 में समिति बनाकर अभी तक नियुक्ति नहीं किया गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग के सचिव द्वारा यह कहा गया था कि स्वास्थ्य विभाग में प्रशिक्षण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग में लगाया जाएगा को सर्वश्रेष्ठ होगा। इन्हीं मांगों को लेकर बिहार राज्य ग्रामीण चिकित्सक संगठन द्वारा एक दिवसीय धरना भी पिछले दिनों दिया गया। इस कार्यक्रम में बिहार के 38 जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
तिवारी ने कहा कि सरकार अगर हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करेगी तो उन लोगों के द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण चिकित्सकों के द्वारा ग्रामीणों का वक्त पर इलाज नहीं किया जाए तो बिहार में स्थिति भयावह हो जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर सही कहा जाए तो ज्यादातर मरीजों को जीवन दान ग्रामीण चिकित्सकों के द्वारा ही दी जा रही है।