आखिर क्यों जनता से कट रहे लालू यादव?, होली दंगल बंद और अब रमजान में नहीं इफ्तार दावत?, राजद ने 20 साल पुरानी परंपरा तोड़ दी?
By एस पी सिन्हा | Updated: March 20, 2026 16:12 IST2026-03-20T16:11:52+5:302026-03-20T16:12:59+5:30
इस बार न तो राबड़ी आवास, न ही अब्दुल बारी सिद्दीकी के आवास और न ही पार्टी कार्यालय में कोई इफ्तार पार्टी आयोजित की गई।

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पटनाः बिहार की सियासत में कुर्ता फाड होली, मकर संक्रांति पर दही-चूडा का भोज और रमजान के महीने में इफ्तार की दावत देने वाले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की चर्चाएं होती रहती थीं। लेकिन उनके अस्वस्थ होने के बाद अब यह परंपरा टूटती नजर आ रही है। मकर संक्रांति के अवसर पर राबड़ी आवास में दही चूड़ा भोज का आयोजन नहीं किया गया वहीं अब राजद की ओर से आयोजित की जाने वाली इफ्तार पार्टी भी इसबार नहीं हुई। इस तरह राजद ने अपनी 20 साल पुरानी परंपरा तोड़ दी है। उल्लेखनीय है कि रमजान के दौरान 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास पर भव्य इफ्तार का आयोजन किया जाता था, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता, कार्यकर्ता और विभिन्न दलों के नेता शामिल होते थे। नेता सत्ता पक्ष के हो या विपक्ष के लालू यादव के इफ्तार पार्टी में सभी शामिल होते थे।
इसके अलावा लालू यादव दही-चूड़ा भोज का भी बड़े स्तर पर आयोजन करते रहे हैं। इसके साथ ही होली का जश्न भी देखते ही बनता था। लेकिन लालू परिवार अब इससे दूरी बनाना शुरू कर दिया है। पिछले साल इफ्तार पार्टी का आयोजन अब्दुल बारी सिद्दीकी के सरकारी आवास पर किया गया था, जिसमें तेजस्वी यादव समेत कई बड़े नेता शामिल हुए थे। वह आयोजन भी राजद की ओर से ही किया गया था।
हालांकि इस बार न तो राबड़ी आवास, न ही अब्दुल बारी सिद्दीकी के आवास और न ही पार्टी कार्यालय में कोई इफ्तार पार्टी आयोजित की गई। बताया जा रहा है कि करीब 20 साल पुरानी यह परंपरा पहली बार टूटी है। वहीं, इसको लेकर भाजपा जहां हमलावर है तो वहीं राजद का दावा है कि उनके ओर से जिला स्तर पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया जा रहा है।