बिहार राज्यसभा चुनावः 5 सीट पर पड़ेंगे वोट, तेजस्वी यादव बोले-विपक्ष के पास पर्याप्त विधायक, उम्मीदवार जल्द घोषित
By एस पी सिन्हा | Updated: February 26, 2026 17:21 IST2026-02-26T17:19:20+5:302026-02-26T17:21:21+5:30
तेजस्वी यादव के इस आत्मविश्वास ने एक बार फिर बिहार में 'खेला' होने की चर्चाओं को हवा दे दी है। राज्यसभा चुनाव की प्रत्येक सीट के लिए होने वाली वोटिंग में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो सकती है।

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पटनाः बिहार से राज्यसभा के पांच सीटों के लिए हो रहे चुनाव को लेकर विपक्षी खेमे की ओर से जीत का हुंकार भरते हुए तेजस्वी यादव ने कहा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल है और वे इस बार मजबूती से चुनाव जीतने जा रहे हैं। जब पत्रकारों ने उनसे उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल पूछा, तो तेजस्वी यादव ने बताया कि राजद की ओर से प्रत्याशियों के नामों पर विचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार कुछ ही दिनों में तय कर दिए जाएंगे कि कौन-कौन होंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर नामों पर मुहर लगाएगी।
विपक्ष द्वारा संख्या बल की कमी के दावों को तेजस्वी यादव ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि महागठबंधन के पास सदन में अपनी सीटों को सुरक्षित करने के लिए जरूरी आंकड़े मौजूद हैं। उनके इस बयान ने सत्तापक्ष की उन उम्मीदों पर पानी फेरने की कोशिश की है जो विपक्ष में सेंधमारी की अटकलें लगा रहे थे।
तेजस्वी यादव के इस आत्मविश्वास ने एक बार फिर बिहार में 'खेला' होने की चर्चाओं को हवा दे दी है। राज्यसभा चुनाव की प्रत्येक सीट के लिए होने वाली वोटिंग में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो सकती है। तेजस्वी यादव की यह हुंकार आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखी जा रही है। ऐसे में तेजस्वी यादव के बयान के बाद एनडीए खेमे में भी हलचल बढ़ गई है। सत्तापक्ष लगातार यह दावा करता रहा है कि विपक्ष के पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं।
अब देखना यह होगा कि मतदान के दिन तेजस्वी यादव का यह दावा हकीकत में बदलता है या नहीं? हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह बयान कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और सहयोगियों को एकजुट रखने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। राज्यसभा की जंग अब केवल आंकड़ों की नहीं बल्कि प्रतिष्ठा की भी बन गई है।b