बिहार में आज 2 बड़ी घटना?, सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का इस्तीफा?, 20 साल की राजनीति में उलटफेर?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 30, 2026 12:27 IST2026-03-30T12:20:07+5:302026-03-30T12:27:07+5:30
जनता यूनाइटेड दल के प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई प्रमुख नेता 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने वाले हैं।

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पटनाः बिहार में आज 2 बड़ी घटना देखी गई? 20 साल की राजनीति में बड़ी उलटफेर है। बिहार के बांकीपुर से विधायक और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। दोनों नेता राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। आपको बता दें कि नीतीश कुमार पहली बार 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे और अभी तक मुख्यमंत्री के पद पर हैं। नीतीश ने आज केवल एमएलसी पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने सीएम पद नहीं दिया। उधर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन 20 साल से बांकीपुर से विधायक थे और लगातार जीतते आ रहे थे।
नीतीश कुमार अपना इस्तीफ़ा भेज दिए …! #Bihar#Nitishkumarpic.twitter.com/HJnTh1ur5Q
— Mukesh singh (@Mukesh_Journo) March 30, 2026
नितिन नबीन ने आज एक्स पर भावुक पोस्ट लिखा और विधानसभा सदस्यता छोड़
नितिन नबीन ने आज एक्स पर भावुक पोस्ट लिखा और विधानसभा सदस्यता छोड़ दी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सोमवार को राज्य विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया। जेडीयू सुप्रीमो 16 मार्च को संसद के उच्च सदन के लिए चुने गए थे। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आने वाला है।
शिवेश राम, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे
जनता यूनाइटेड दल के प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई प्रमुख नेता 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने वाले हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी उसी दिन उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। उनके साथ-साथ शिवेश राम, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे।
नीतीश कुमार छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं
समाचार एजेंसी आईएएनएस ने मुख्यमंत्री आवास सूत्रों के हवाले से बताया कि कुमार 13 अप्रैल के बाद कभी भी मुख्यमंत्री पद से हट सकते हैं। बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री शरवन कुमार ने पहले संकेत दिया था कि राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद भी कुमार छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं।
संसद के उच्च सदन में चुने जाने के बाद अटकलें और तेज हो गईं
यह घटनाक्रम उनके संभावित उत्तराधिकारी को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच आया है। उनकी ये टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कथित तौर पर इस बात की स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं कि शीर्ष पद कौन संभालेगा। कुमार के संसद के उच्च सदन में चुने जाने के बाद अटकलें और तेज हो गईं।
संजय कुमार ने इस्तीफा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा
इस माह की शुरुआत में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय कुमार ने कुमार का इस्तीफा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा।
एमएलसी पद छोड़ने के लिए 14 दिन की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी
बाद में संवाददाताओं से बातचीत में अवधेश नारायण सिंह ने कहा, “हां, मुझे नीतीश कुमार जी का विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा प्राप्त हुआ है और इसे स्वीकार कर लिया गया है। उनकी परिषद की सीट को जल्द ही आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित किया जाएगा।” 16 मार्च को संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे और एमएलसी पद छोड़ने के लिए 14 दिन की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी।
जद(यू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पिछले सप्ताह संवाददाताओं से कहा था, “संविधान में प्रावधान है कि आपको 14 दिनों के भीतर इस्तीफा देना चाहिए। उसी के अनुसार चीजें होंगी।” हालांकि, झा ने इस संबंध में सवालों को टाल दिया कि 75 वर्षीय जद(यू) प्रमुख मुख्यमंत्री पद से कब इस्तीफा दे सकते हैं।
भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी द्वारा बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंपा गया
इस बीच, बिहार के बांकीपुर से विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी सोमवार को अपनी विधानसभा सदस्यता छोड़ दी। नबीन दो सप्ताह पहले राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनका इस्तीफा सोमवार को किसी भी समय भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी द्वारा बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंपा गया।
पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा द्वारा निर्मित इस क्षेत्र को निरंतर सहेजने और विकसित करने का प्रयास किया
नबीन ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज मैं बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के निर्वाचित सदस्य के पद से इस्तीफा दे रहा हूं।” उन्होंने कहा, “पिछले 20 वर्षों में मैंने अपने स्वर्गीय पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा द्वारा निर्मित इस क्षेत्र को निरंतर सहेजने और विकसित करने का प्रयास किया।
मैंने अपने क्षेत्र और बिहार राज्य के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया है।” भाजपा नेता ने कहा, “इसी का परिणाम है कि जनता ने मुझे लगातार पांच बार विधानसभा के लिए चुनकर उनकी सेवा करने का अवसर दिया।”