बस, ऑटो, टैक्सी, ट्रेन और सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और द्विअर्थी गाने बजाने वालों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई?, अलर्ट मोड पर बिहार पुलिस
By एस पी सिन्हा | Updated: February 5, 2026 15:50 IST2026-02-05T15:49:30+5:302026-02-05T15:50:17+5:30
सरकार के इस रुख के बाद बिहार पुलिस ने ‘अश्लील गाने नहीं, सभ्य समाज बनाएं’ के संकल्प के साथ एक व्यापक अभियान और आधिकारिक अपील जारी की है।

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पटनाः बिहार में सार्वजनिक स्थानों और वाहनों में अश्लील एवं द्विअर्थी गाने बजाने वालों के खिलाफ राज्य सरकार कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गई है। उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस मुख्यालय को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भोजपुरी, मगही, मैथिली या किसी भी भाषा के फूहड़ गानों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने निर्देश दिया है कि बस, ऑटो, टैक्सी, ट्रेन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गाने बजाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस आदेश के बाद राज्यभर में पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सम्राट चौधरी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने इस निर्णय के पीछे सामाजिक मर्यादा और सुरक्षा का तर्क दिया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर बजने वाले अश्लील गानों का समाज और खासकर बच्चों की मानसिकता पर अत्यंत नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ये गाने न केवल समाज में फूहड़ता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और उनकी गरिमा को भी गंभीर ठेस पहुंचाते हैं।
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए अश्लील गानों पर प्रतिबंध लगाना अनिवार्य हो गया है। सरकार के इस रुख के बाद बिहार पुलिस ने ‘अश्लील गाने नहीं, सभ्य समाज बनाएं’ के संकल्प के साथ एक व्यापक अभियान और आधिकारिक अपील जारी की है।
अब बस, ऑटो, टैक्सी, ट्रेन या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर अश्लील गाना बजाना एक गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या वाहन चालक इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसे न केवल भारी जुर्माना भरना होगा, बल्कि जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। द
रअसल, सरकार का मानना है कि इस तरह के गीतों का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ता है। ऐसे में कानूनी प्रावधानों के तहत, पुलिस अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा-296 और 79 के साथ-साथ अन्य सुसंगत धाराओं के अंतर्गत तत्काल प्राथमिकी दर्ज करेगी।
बिहार पुलिस ने ‘जन विश्वास हमारा संकल्प’ के तहत आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसे कृत्यों का विरोध करें और इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें। सरकार का मानना है कि जन-भागीदारी और सख्त कानून के समन्वय से ही बिहार को अश्लीलता मुक्त और सभ्य प्रदेश बनाया जा सकता है।