आखिर क्यों विधायक फैसल रहमान पर कार्रवाई नहीं कर रहे तेजस्वी यादव?, 25 विधायक से होंगे 24?, मुख्य विपक्षी दल का दर्जा और नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी?

By एस पी सिन्हा | Updated: March 19, 2026 17:32 IST2026-03-19T17:31:40+5:302026-03-19T17:32:38+5:30

राजद फैसल रहमान को निष्कासित करती है, तो सदन में पार्टी की प्रभावी संख्या कम हो सकती है।

bihar news Why Tejashwi Yadav not action against MLA Faisal Rahman there be 24 MLAs from 25 status main opposition party post of Leader of the Opposition | आखिर क्यों विधायक फैसल रहमान पर कार्रवाई नहीं कर रहे तेजस्वी यादव?, 25 विधायक से होंगे 24?, मुख्य विपक्षी दल का दर्जा और नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी?

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Highlightsराजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा अब गर्म हो चुका है।अनुशासन का संदेश दिया है, लेकिन राजद के लिए स्थिति इतनी सरल नहीं है।कुर्सी बनाए रखने के लिए एक निश्चित संख्या बल की आवश्यकता होती है।

पटनाः बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान राजद विधायक फैसल रहमान के द्वारा अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को वोट नहीं दिए जाने के बाद सियासत गर्मा गई है। फैसल रहमान प्रकरण ने राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है, जिसे शतरंज की भाषा में ‘चेकमेट’ कहा जा सकता है। इस पूरे मामले के बाद तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी के भीतर भी चर्चा है कि क्या फैसल रहमान के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी या नहीं? राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा अब गर्म हो चुका है।

इसबीच कांग्रेस ने अपने बागी विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासन का संदेश दिया है, लेकिन राजद के लिए स्थिति इतनी सरल नहीं है। राजद के सामने सबसे बड़ी चुनौती संवैधानिक आंकड़ों से जुड़ी है। जानकारों के अनुसार राजनीतिक मजबूरी यह है कि यदि राजद फैसल रहमान को निष्कासित करती है, तो सदन में पार्टी की प्रभावी संख्या कम हो सकती है।

वहीं, यदि कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह संदेश जाएगा कि नेतृत्व कमजोर है, जिससे भविष्य में अन्य विधायकों के भी मनमानी करने की संभावना बढ़ सकती है। बिहार विधानसभा के नियमों के अनुसार, मुख्य विपक्षी दल का दर्जा और नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी बनाए रखने के लिए एक निश्चित संख्या बल की आवश्यकता होती है।

आमतौर पर सदन की कुल सदस्य संख्या (243) का 10 फीसदी यानी कम से कम 25 विधायक नेता प्रतिपक्ष के दावे के लिए आवश्यक होते हैं। वर्तमान में राजद संख्या के मामले में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद ‘बॉर्डर लाइन’ पर सतर्क है। हालांकि राजद के पास अभी पर्याप्त संख्या है, लेकिन संकट यह है कि यदि एक विधायक पर कार्रवाई होती है, तो यह ‘डोमिनो इफेक्ट’ (एक के बाद एक गिरना) शुरू कर सकता है। चिराग पासवान और भाजपा के दावों के बीच, एक भी इस्तीफा या निष्कासन विपक्षी खेमे में भगदड़ मचा सकता है।

इसबीच भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने बयान जारी कर कहा कि अगर तेजस्वी यादव में दम है, तो वे फैसल रहमान को पार्टी से निकालकर दिखाएं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसा करने पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का समीकरण बदल सकता है।

यानि नेता विपक्ष की कुर्सी जा सकती है। ऐसे में पूरे बिहार में अब यही सवाल उठ रहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोप में फैसल रहमान पर क्या कार्रवाई होगी? अगर कोई सख्त कदम उठाया जाता है, तो इसके राजनीतिक असर भी दूर तक दिख सकते हैं। फिलहाल, सबकी नजरें तेजस्वी यादव के अगले कदम पर टिकी हैं।

Web Title: bihar news Why Tejashwi Yadav not action against MLA Faisal Rahman there be 24 MLAs from 25 status main opposition party post of Leader of the Opposition

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