बिहार विधानमंडल बजट सत्रः तीसरे दिन कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जमकर हंगामा, कुछ लोगों को बचाने में लगी है सरकार?
By एस पी सिन्हा | Updated: February 5, 2026 15:45 IST2026-02-05T15:43:09+5:302026-02-05T15:45:21+5:30
Bihar Legislative Assembly Budget Session: नीट घटना के पीछे किसी मंत्री या सत्ताधारी दल के नेता का बेटा है, जिसे बचाने की कोशिश की जा रही है।

Bihar Legislative Assembly Budget Session
पटनाः बिहार विधानमंडल का बजट सत्र आज अपने तीसरे दिन कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सदन के अंदर बाहर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन को दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष के विधायकों ने हाथ में बैनर पोस्टर लेकर विधानसभा पोर्टिको में हंगामा किया। हंगामा कर रहे विपक्ष के विधायकों का आरोप है कि सरकार कुछ लोगों को बचाने में लगी है, इसीलिए इस पूरे मामले की जांच के बजाय उसे पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। वहीं, विधान परिषद में भी इस मामले पर काफी शोरगुल देखने को मिला।
विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने नीट छात्रा की मौत मामले को जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से इसपर जवाब मांगा। इस मामले पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि नीट घटना के पीछे किसी मंत्री या सत्ताधारी दल के नेता का बेटा है, जिसे बचाने की कोशिश की जा रही है।
राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि पहले इस केस को दबाने की कोशिश की गई। जब मामला तूल पकड़ने लगा तो सीबीआई जांच की बात कही गई। सीबीआई क्या जांच करेगी, वह भी तो उन्ही के हाथ में हैं। राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार का कोई ऐसा जिला नहीं है, जहां रेप की घटनाएं नहीं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि जहानाबाद की नीट छात्रा के मामले में पुलिस ने जांच की और सरकार ने लीपापोती करने के बाद जांच का जिम्मा सीबीआई को दे दिया। वहीं, बिहार बजट को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बजट में आम जनता के लिए कुछ भी नया नहीं है और यह सिर्फ बिहार की जनता को ठगने वाला बजट है।
उनके मुताबिक सरकार बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। राबड़ी देवी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि सीबीआई जांच का फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाने के लिए लिया गया है। सत्ता पक्ष का तर्क है कि जांच एजेंसी के आने से “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने दावा किया कि रोजाना अपराध हो रहे हैं और बच्चियां तक सुरक्षित नहीं हैं। नीट छात्रा केस पर उन्होंने कहा कि सरकार लीपापोती कर रही है और जो भी सवाल उठा रहा है, उस पर दबाव बनाया जा रहा है।
भाई वीरेंद्र ने कहा आए दिन इस तरह के घटना हो रहा है। शासन-प्रशासन नाम का कोई चीज नहीं है। हम लोग सोचेंगे और सड़क पर उतरने का काम करेंगे। राजद के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम विधायक मुर्शीद आलम ने कहा कि अगर राजद सड़क पर आती है तो हम मुबारकबाद देते हैं, लेकिन जिस तरह विपक्ष सोया हुआ है उससे हम आहत हैं।
समय पर विपक्ष को जागना चाहिए, जवाब देना चाहिए। जबकि भाजपा विधायक रत्नेश कुशवाहा ने कहा कि लीपापोती करने वाली सरकार सीबीआई को जांच तो नहीं देती है। सीबीआई जांच करेगी तो दूध का दूध पानी का पानी होगा। भाई वीरेंद्र का अनर्गल प्रलाप करने का अलावा कुछ नहीं करते।