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पारसनाथ पहाड़ी और सरना धर्म कोड को लेकर आदिवासियों ने किया रेल चक्का जाम, ट्रेनों के परिचालन पर असर, जानें पूरा मामला

By एस पी सिन्हा | Updated: February 11, 2023 16:49 IST

मथुरापुर स्टेशन और किशनगंज में रेल चक्का जाम कर घंटों ट्रेनों का परिचालन बाधित किया गया। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने रेल पटरी से लेकर प्लेटफार्म तक कब्जा किया।

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ठळक मुद्देआरपीएफ और जीआरपी ने आंदोलनकारियों को समझा बुझा कर रेल जाम हटाया।लंबित सरना धर्म कोड को लागू करने के लिए आदिवासी समाज के लोगों द्वारा यह आंदोलन किया जा रहा है।हाथों में झंडा, बैनर लेकर प्लेटफार्म के अंदर प्रवेश कर गए।

पटनाः आदिवासी सेंगल समाज ने अपनी 2 सूत्री मांगों को लेकर बिहार के किशनगंज और झारखंड में देवघर के मथुरापुर स्टेशन पर शनिवार को रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। पारसनाथ पहाडी आदिवासी को देने के लिए और लंबित सरना धर्म कोड को लागू करने के लिए आदिवासी समाज के लोगों द्वारा यह आंदोलन किया जा रहा है।

मथुरापुर स्टेशन और किशनगंज में रेल चक्का जाम कर घंटों ट्रेनों का परिचालन बाधित किया गया। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने रेल पटरी से लेकर प्लेटफार्म तक कब्जा किया। आरपीएफ और जीआरपी ने आंदोलनकारियों को समझा बुझा कर रेल जाम हटाया।

बताया जाता है कि इस अभियान से जुड़े लोग सुबह से ही अपने हाथों में झंडा, बैनर लेकर प्लेटफार्म के अंदर प्रवेश कर गए। मथुरापुर में डाउन बैद्यनाथधाम- आसनसोल मेमू ट्रेन को रोक दिया। इधर, मथुरापुर स्टेशन पर रेल चक्का जाम करने के कारण जसीडीह में नई दिल्ली- कोलकाता टाउन राजधानी एक्सप्रेस रुकी रही।

वहीं किशनगंज में रेलवे ट्रैक जाम कर दिये जाने से कटिहार-सिलीगुडी रेलखंड पर घंटों ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा। आदिवासी सेंगल अभियान के कार्यकर्ताओं ने रेल चक्का जाम कर रेलवे ट्रैक पर नारेबाजी करते रहे। इस रेल चक्का जाम अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं का कहना है कि गिरिडीह जिले के पारसनाथ पहाड़ी पर स्थित मरांग बुरू को कब्जे से मुक्ति दिलाना है।

इसके साथ ही सरना धर्म कोड को 2023 में लागू करने और कुर्मी जाति को एसटी का दर्जा दिलाने की मांग प्रमुख है। आदिवासी समाज द्वारा तिलका मांझी के जन्म दिवस के अवसर पर अपनी 2 सूत्री मांगों के आवाज को बुलंद करने के लिए यह आंदोलन किया गया।

बिहार, प.बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्य के विभिन्न जगहों पर रेल चक्का रोककर विरोध प्रकट किये जाने की खबर है। वहीं, ट्रेन रोकने की सूचना मिलते ही आरपीएफ और रेल पुलिस के अधिकारी और जवान स्थल पर पहुंचे। जाम कर रहे कार्यकर्ताओं को समझा- बुझाकर ट्रेन खुलवाया। 

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