बिहार में 1 अप्रैल से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान?, मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा- यातायात, स्वच्छता और नागरिक सुविधा पर दें ध्यान?

By एस पी सिन्हा | Updated: March 31, 2026 16:31 IST2026-03-31T16:29:51+5:302026-03-31T16:31:17+5:30

जिलाधिकारी द्वारा अतिक्रमण हटाना विधिसम्मत है, लेकिन यह न्यायोचित नहीं माना गया है।

Bihar from April 1, 2006 Campaign against encroachment Minister Vijay Kumar Sinha said pay attention traffic, cleanliness and civic amenities | बिहार में 1 अप्रैल से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान?, मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा- यातायात, स्वच्छता और नागरिक सुविधा पर दें ध्यान?

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Highlightsसरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।जीवनयापन को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया है।अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकारी होते हैं।

पटनाः बिहार में अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक और संगठित कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। इसी कडी में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारियों, अपर समाहर्त्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्त्ताओं, अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए 1 अप्रैल 2026 से अतिक्रमण हटाने का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में शहरी सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्थित विकास के लिए अतिक्रमण हटाना अत्यंत आवश्यक है। सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कर ही हम बेहतर यातायात, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को सुनिश्चित कर सकते हैं। हालांकि, हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।

गरीब एवं असहाय लोगों के जीवनयापन को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि उनका अतिक्रमण तभी हटाया जाए, जब उनके लिए रोजगार के वैकल्पिक साधन या पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए। हमारा उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण के साथ विकास को आगे बढ़ाना है, ताकि किसी भी जरूरतमंद की आजीविका प्रभावित न हो।

सरकार की पहली प्राथमिकताओं में मुख्य धारा से पीछे छूटी हुई आबादी है। उनको मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। वहीं, भूमि एवं राजस्व विभाग के द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 की धारा 6(1) के तहत विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह भी उल्लेख किया गया है कि माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा कई मामलों में अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, जिनका अनुपालन अनिवार्य है। दरअसल, राज्य सरकार ने भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के नो मैन्स लैंड में अतिक्रमण के मामलों को अत्यंत गंभीर बताया है।

इन मामलों के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा सीमांकन के लिए संयुक्त सर्वेक्षण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। ऐसे में इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा गया है। राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि गरीब और असहाय लोग अक्सर जीविकोपार्जन के लिए सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करते हैं।

इसलिए वेंडिंग जोन या वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना अतिक्रमण हटाने से उनके रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। पत्र में यह भी कहा गया है कि हालांकि जिलाधिकारी द्वारा अतिक्रमण हटाना विधिसम्मत है, लेकिन यह न्यायोचित नहीं माना गया है।

क्योंकि वे इस अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकारी होते हैं। ऐसे में अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी स्तर के अधिकारियों को ही इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण हटाने को शहरी सौंदर्यीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए सरकार ने इसके लिए वित्तीय आवंटन भी जारी किया है।

हाल ही में जारी पत्रों के माध्यम से विभिन्न जिलों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे अतिक्रमण वादों की सूची तैयार करें और उनका विधिवत संधारण करें। प्रत्येक मामले में नोटिस, तामिला और कार्रवाई की वर्तमान स्थिति का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य होगा।

Web Title: Bihar from April 1, 2006 Campaign against encroachment Minister Vijay Kumar Sinha said pay attention traffic, cleanliness and civic amenities

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