बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया दावा, एनडीए की सरकार के दौरान राज्य में करीब नौ से दस चीनी मिलों को फिर से चालू किया गया
By एस पी सिन्हा | Updated: March 9, 2026 22:09 IST2026-03-09T22:09:20+5:302026-03-09T22:09:25+5:30
सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले बिहार के बारे में कहा जाता था कि यहां इंडस्ट्री लगाना आसान नहीं है। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। एनडीए की सरकार के दौरान राज्य में करीब नौ से दस चीनी मिलों को फिर से चालू किया गया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया दावा, एनडीए की सरकार के दौरान राज्य में करीब नौ से दस चीनी मिलों को फिर से चालू किया गया
पटना:बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को आयोजित गन्ना प्रौद्योगिकी संगोष्ठी में बोलते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अब समय आ गया है कि लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपनी ताकत बनाया जाए। इससे खेती और गन्ना प्रोडक्शन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ सकता है।
उन्होंने कहा कि तकनीक के सहारे खेती करने से किसानों का विकास संभव है। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। पिछले बजट में खेती से जुड़ी नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रावधान किया गया है और इसके लिए बजट भी उपलब्ध कराया गया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले बिहार के बारे में कहा जाता था कि यहां इंडस्ट्री लगाना आसान नहीं है। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। एनडीए की सरकार के दौरान राज्य में करीब नौ से दस चीनी मिलों को फिर से चालू किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के समय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अगले पांच वर्षों में 25 चीनी मिलें शुरू करने का वादा किया था।
नई सरकार बनने के बाद इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया गया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार से मजदूरों का पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को अपने ही राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि सरकार एक-एक मजदूर की पहचान करेगी। इसके बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। पलायन की समस्या का स्थायी समाधान तभी होगा जब बिहार में ही रोजगार के बड़े अवसर तैयार किए जाएं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में चीनी उद्योग को नई ताकत देने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सरकार इंसेंटिव आधारित नई नीति बनाने जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार इंसेंटिव नीति 2026 तैयार कर रही है। इसके जरिए उद्योगों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि उद्योगों के विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर भी रोक लगेगी।
वहीं, कार्यक्रम में मौजूद दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ चलाना ही काफी नहीं है। उसे सुशासन के साथ चलाना सबसे जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने सामाजिक न्याय के नाम पर बिहार के साथ खिलवाड़ किया और उद्योग-धंधों को नुकसान पहुंचाया। विजय सिन्हा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में बिहार तेजी से विकास कर रहा है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य की पुरानी समस्याओं और ‘बीमारियों’ को जड़ से खत्म किया जाएगा।