बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया ऐलान, कारा कर्मियों के लिए बनाया जायेगा आवासीय भवन
By एस पी सिन्हा | Updated: March 24, 2026 15:58 IST2026-03-24T15:58:44+5:302026-03-24T15:58:44+5:30
10 प्रतिशत कक्षपालों को पारिवारिक और शेष को एकल आवासीय सुविधा देने का प्रावधान है। वर्तमान में 5034 कक्षपाल पद स्वीकृत हैं, ऐसे में मौजूदा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवास की योजना बनाई गई है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया ऐलान, कारा कर्मियों के लिए बनाया जायेगा आवासीय भवन
पटना:बिहार में कारा कर्मियों के लिए बड़े पैमाने पर आवासीय सुविधाओं का निर्माण करने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बताया कि 21 काराओं में 44 बी-टाइप (जी+3) आवासीय भवन का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक भवन की लागत 202.04 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस आधार पर कुल परियोजना की अनुमानित लागत 88 करोड़ 89 लाख 76 हजार रुपये तय की गई है। इसका कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा आगामी वर्षों में किया जाएगा। बिहार कारा हस्तक 2012 के नियमों के तहत मुख्य कक्षपाल और उससे ऊपर के अधिकारियों को कारा परिसर में किराया मुक्त आवास उपलब्ध कराया जाना है। 10 प्रतिशत कक्षपालों को पारिवारिक और शेष को एकल आवासीय सुविधा देने का प्रावधान है। वर्तमान में 5034 कक्षपाल पद स्वीकृत हैं, ऐसे में मौजूदा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवास की योजना बनाई गई है।
सम्राट चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरपुर-02, पूर्णिया-03, मोतिहारी-04, आरा-02, भभुआ-02,बेतिया-01, सिवान-02, दरभंगा-02, मधुबनी-02, सीतामढ़ी-02, सुपौल-02, कटिहार-02, किशनगंज-02, सहरसा-02, बेगूसराय-02, जमुई-02, लखीसराय-02, मुंगेर-02, शेखपुरा-02, औरंगाबाद-02 और नवादा-02 सहित 21 काराओं में कुल 44 भवनों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा-राज्य में कानून व्यवस्था को और प्रभावी, मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सरकार लगातार आधारभूत संरचना के विकास पर काम कर रही है।
हाल के दिनों में ही छियालीस करोड़ चौत्तीस लाख सात हजार सात सौ रुपये की लागत से पूर्वी चंपारण, अररिया, सारण, बेगूसराय और किशनगंज में थाना भवन और आधारभूत संरचना निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। और अब 21 काराओं में 44 बी-टाइप आवासीय भवन का निर्माण कराया जाएगा। इस योजना के पूरे होने से कारा कर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी और उन्हें कार्य के लिए बेहतर परिवेश मिलेगा। इस परियोजना से न केवल कर्मियों के रहने की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि उनके काम करने के वातावरण में भी सुधार आएगा।
बेहतर आवासीय सुविधा मिलने से कारा कर्मियों को अपने कार्यों में अधिक केंद्रित होने और प्रभावी प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकार की कोशिश है कि सभी कारा परिसर में आधुनिक और सुरक्षित आवासीय भवन बनें, जिससे कर्मचारियों का जीवन स्तर सुधरे और कामकाजी माहौल बेहतर बने। विभिन्न काराओं में निर्माणाधीन भवनों के माध्यम से कक्षपाल और अन्य अधिकारियों को पर्याप्त स्थान, परिवार के साथ रहने की सुविधा और आधुनिक संसाधन मुहैया कराए जाएंगे।
इस परियोजना की पूरी होने के बाद बिहार में कारा कर्मियों की आवासीय समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। राज्य सरकार का यह कदम कानून व्यवस्था को मजबूत करने, कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित करने और कारा परिसर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस योजना के लागू होने से भविष्य में कारा कर्मियों को स्थायी और सुरक्षित आवास मिलेगा और राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।