बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में जाने से पहले एक बार फिर निकल रहे हैं समृद्धि यात्रा पर, सीमांचल और कोसी क्षेत्र का करेंगे दौरा
By एस पी सिन्हा | Updated: March 8, 2026 15:55 IST2026-03-08T15:55:43+5:302026-03-08T15:55:43+5:30
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी 10 मार्च से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘प्रगति यात्रा’ पर निकलेंगे। इस यात्रा के दौरान उनका मुख्य पड़ाव मधेपुरा होगा, जहां वे तीन दिनों तक प्रवास करेंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में जाने से पहले एक बार फिर निकल रहे हैं समृद्धि यात्रा पर, सीमांचल और कोसी क्षेत्र का करेंगे दौरा
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में जाने से पहले जनता के बीच जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा यात्रा से शुरू किया गया सियासी सफर को यात्रा के साथ ही खत्म करने वाले हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफे से पहले एक बार फिर समृद्धि यात्रा पर निकलने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी 10 मार्च से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘प्रगति यात्रा’ पर निकलेंगे। इस यात्रा के दौरान उनका मुख्य पड़ाव मधेपुरा होगा, जहां वे तीन दिनों तक प्रवास करेंगे।
बताया जाता है कि कार्यक्रम की शुरुआत 10 मार्च को सुपौल से होगी, जिसके बाद मुख्यमंत्री मधेपुरा पहुंचेंगे। मधेपुरा में वे नवनिर्मित पुलिस लाइन का लोकार्पण करेंगे, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीमांचल के छह प्रमुख जिलों मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया और सहरसा के साथ खगड़िया का भी दौरा करेंगे।
11 मार्च को मुख्यमंत्री मधेपुरा से हेलीकॉप्टर के जरिए किशनगंज और अररिया जाएंगे। दोनों जिलों में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे वापस मधेपुरा लौट आएंगे। 12 मार्च को मुख्यमंत्री कटिहार और पूर्णिया जिले का दौरा करेंगे। पहले कटिहार में कार्यक्रम करेंगे, इसके बाद पूर्णिया जाएंगे। कार्यक्रम के बाद वे फिर मधेपुरा लौटेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। यात्रा के अंतिम दिन 13 मार्च को मुख्यमंत्री सहरसा में कार्यक्रम में भाग लेंगे और इसके बाद खगड़िया जाएंगे।
खगड़िया में समृद्धि यात्रा के कार्यक्रम के बाद वे वहीं से पटना के लिए रवाना हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान मधेपुरा में मुख्यमंत्री का प्रवास विधान पार्षद ललन सर्राफ के आवास पर हो सकता है। हालांकि कार्यक्रम को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने साल 2005 में न्याय यात्रा से इसकी शुरुआत की थी।
इसके बाद 2009 में विकास यात्रा, धन्यवाद यात्रा और प्रवास यात्रा की गई। 2010 में विश्वास यात्रा के बाद एनडीए सरकार को पूर्ण बहुमत मिला। 2011 में जनता के प्रति आभार जताने के लिए सेवा यात्रा शुरू हुई। साल 2012 में अधिकार यात्रा, 2014 में संकल्प यात्रा और 2015 में संपर्क यात्रा का आयोजन हुआ। 2019 की जल-जीवन-हरियाली यात्रा ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई चेतना जगाई।
इस यात्रा ने प्रकृति और हरियाली के संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया। 2020 में समाज सुधार अभियान यात्रा शुरू हुई। इसके बाद 2023 में समाधान यात्रा और 2025 में प्रगति यात्रा ने नीतीश कुमार को एक बार फिर जन-जन का नेता साबित किया। इन यात्राओं में सरकार की योजनाओं की समीक्षा हुई और जनता की शिकायतों का समाधान निकाला गया।
वहीं 2025 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2026 में समृद्धि यात्रा कर रहे थे। समृद्धि यात्रा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिहार में मुख्यमंत्री के रूप में अंतिम यात्रा होगा। इधर, बिहार की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की तैयारी के बीच उनके पुत्र निशांत कुमार ने रविवार को दोपहर 1 बजे आधिकारिक तौर पर जदयू की सदस्यता ग्रहण कर लिया है।