बिहार: ईद के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तोड़ी दशकों पुरानी परंपरा, नहीं पहुंचे ईदगाह, बना चर्चा का विषय

By रुस्तम राणा | Updated: March 21, 2026 14:46 IST2026-03-21T14:46:30+5:302026-03-21T14:46:30+5:30

बीते करीब दो दशकों में बनी एक परंपरा आज टूट गई। ईद जैसे बड़े पर्व पर मुख्यमंत्री का गांधी मैदान में मौजूद न होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

Bihar: Chief Minister Nitish Kumar's Absence from the Eidgah on Eid Becomes a Topic of Discussion | बिहार: ईद के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तोड़ी दशकों पुरानी परंपरा, नहीं पहुंचे ईदगाह, बना चर्चा का विषय

बिहार: ईद के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तोड़ी दशकों पुरानी परंपरा, नहीं पहुंचे ईदगाह, बना चर्चा का विषय

पटना:ईद के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद राजधानी पटना के गांधी मैदान पहुंचते थे और नमाज के बाद लोगों से मुलाकात कर उन्हें ईद की मुबारकबाद देते थे। लेकिन इस बार का नज़ारा अलग रहा, बीते करीब दो दशकों में बनी एक परंपरा आज टूट गई। ईद जैसे बड़े पर्व पर मुख्यमंत्री का गांधी मैदान में मौजूद न होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पटना के गांधी मैदान में बारिश के बावजूद करीब 20 हजार लोगों ने नमाज अदा की, जिसमें बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके बेटे निशांत कुमार गांधी मैदान पहुंचे और कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे और उनके साथ अशोक चौधरी समेत जदयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। मंच पर मुस्लिम नेताओं ने निशांत कुमार का पारंपरिक तरीके से स्वागत भी किया। निशांत कुमार की यह मौजूदगी अपने आप में खास मानी जा रही है, क्योंकि अब तक वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखते थे। लेकिन हाल के महीनों में उनके तेवर और गतिविधियों में स्पष्ट बदलाव देखा जा रहा है। 

जदयू से जुड़ने के बाद से ही वे लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं, जिसे उनके ‘पॉलिटिकल ट्रेनिंग’ के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, ईद की नमाज खत्म होने के तुरंत बाद निशांत कुमार गांधी मैदान से सीधे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आवास पहुंच गए। यहां दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। 

सूत्रों की मानें तो इस बैठक में पार्टी की मौजूदा स्थिति, आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से यह मुलाकात अचानक और निजी तौर पर हुई, उसने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींच लिया है। 

सियासत के जानकारों का मानना है कि निशांत कुमार का इस तरह वरिष्ठ नेताओं से मिलना और सीधे संवाद करना यह संकेत देता है कि उन्हें धीरे-धीरे राजनीति के मैदान में उतारने की तैयारी की जा रही है। खासकर ऐसे समय में जब जदयू को नए चेहरे और नई ऊर्जा की जरूरत महसूस हो रही है, निशांत की सक्रियता पार्टी के लिए अहम साबित हो सकती है।

Web Title: Bihar: Chief Minister Nitish Kumar's Absence from the Eidgah on Eid Becomes a Topic of Discussion

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