बिहार के 43वें राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति साहू ने सैयद अता हसनैन को पद एवं गोपनीयता की दिलाई शपथ

By एस पी सिन्हा | Updated: March 14, 2026 15:18 IST2026-03-14T15:17:54+5:302026-03-14T15:18:39+5:30

कार्यक्रम में मंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, सुनील कुमार, संतोष कुमार सुमन, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह भी उपस्थित थे।

Bihar Chief Justice Sangam Kumar Sahu oath Lieutenant General Retd Syed Ata Hasnain 43rd Governor Bihar  | बिहार के 43वें राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति साहू ने सैयद अता हसनैन को पद एवं गोपनीयता की दिलाई शपथ

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Highlightsसैयद अता हसनैन भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हैं।जम्मू-कश्मीर में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है।करियर के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील इलाकों में काम किया।

पटनाः लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शनिवार को बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया। पटना के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने हिंदी में शपथ ली। समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित राज्य सरकार के कई मंत्री और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जारी नियुक्ति पत्र को पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम में मंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, सुनील कुमार, संतोष कुमार सुमन, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह भी उपस्थित थे।

बताया जाता है कि सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हैं और अपने लंबे सैन्य अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने करीब 40 सालों तक सेना में सेवा दी है और कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील इलाकों में काम किया। जम्मू-कश्मीर में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है।

2012 से 2014 के बीच वे श्रीनगर स्थित 15 कोर यानी चिनार कोर के कमांडर रहे। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। सैयद अता हसनैन ने कश्मीर में हार्ट्स एंड माइंड्स की नीति पर भी जोर दिया। इसका मकसद स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना और युवाओं को मेन स्ट्रीम से जोड़ना था।

इस दिशा में शिक्षा, खेल और रोजगार से जुड़े कई कार्यक्रम भी शुरू किए गए। सेना से रिटायर होने के बाद भी सैयद अता हसनैन सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए का सदस्य बनाया गया था। इसके अलावा वे वर्ष 2018 में कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे।

अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने 1988-90 में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन और 1990-91 में पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन के शपथ ग्रहण पर सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सैयद अता हसनैन देश की सुरक्षा और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है और उनके विचार हमेशा प्रभावशाली रहे हैं। रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सेना में दशकों तक सेवा देने के बाद उनका अनुभव बिहार के लिए भी काफी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अपने अनुभव और कार्यशैली से वे बिहार के राज्यपाल पद की गरिमा को और बढ़ाएंगे।

Web Title: Bihar Chief Justice Sangam Kumar Sahu oath Lieutenant General Retd Syed Ata Hasnain 43rd Governor Bihar 

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