'धृतराष्ट्र' हैं लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की तुलना 'दुर्योधन' से?, मैथिली ठाकुर पर खेसारी लाल यादव बोले- ज्ञान अभी बहुत कम
By एस पी सिन्हा | Updated: February 21, 2026 17:23 IST2026-02-21T17:22:37+5:302026-02-21T17:23:32+5:30
खेसारी यादव ने कहा कि कम उम्र में उपलब्धियां मिल जाती हैं तो इंसान अक्सर अपनी सीमाएं लांघ जाता है। राजनीति में आने का मतलब यह नहीं कि आप इंसानियत और संस्कार भूल जाएं।

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पटनाः भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर के द्वारा बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव की तुलना 'दुर्योधन' और लालू प्रसाद यादव की 'धृतराष्ट्र' से करने पर भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता खेसारी लाल यादव ने कड़ा ऐतराज जताया। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने संस्कारों और राजनीति की मर्यादा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैथिली का ज्ञान अभी बहुत कम है। खेसारी यादव ने कहा कि कम उम्र में उपलब्धियां मिल जाती हैं तो इंसान अक्सर अपनी सीमाएं लांघ जाता है। राजनीति में आने का मतलब यह नहीं कि आप इंसानियत और संस्कार भूल जाएं।
उन्होंने कहा कि देश और समाज को अब पढ़े-लिखे और अनुभवी लोगों की जरूरत है जो सोच-समझकर भाषा का प्रयोग करें। वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी के द्वारा राजद को 'गड्ढा' बताने और एक गाने के जरिए उन पर तंज कसने के सवाल पर खेसारी यादव ने संयमित रुख अपनाते हुए कहा कि मनोज तिवारी उनके बड़े भाई की तरह हैं और वह हमेशा उनका सम्मान करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि वह एक राजनेता हैं और राजनीति में इस तरह की बयानबाजी चलती रहती है। वह जहां हैं उनके लिए ठीक है, मैं जहां हूं मेरे लिए बेहतर है। खेसारी यादव ने स्पष्ट किया कि किसी को भला-बुरा कहने से बिहार की उन्नति नहीं होगी, बल्कि काम करने से होगी।
वहीं, भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी द्वारा उनके साथ दोबारा काम करने की इच्छा जताने के सवाल पर खेसारी ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है क्योंकि पहले काजल ने ही उनके साथ काम न करने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि अगर वह काम करना चाहती हैं तो उनका स्वागत है। मैं इतना बड़ा नहीं हूं कि किसी कलाकार को काम करने से मना करूं।