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बिहार चुनावः सीएम नीतीश के हेलीकॉप्टर पर फेंकी गई चप्पल, लोगों ने की नारेबाजी, राजद पर भड़के मुख्यमंत्री

By भाषा | Updated: October 26, 2020 21:56 IST

पुलिस उपाधीक्षक (मुजफ्फरपुर पूर्वी) मनोज पांडेय ने बताया कि रैली के दौरान हेलीपैड पर खड़े मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की तरफ चप्पल फेंकी गई। उस समय मुख्यमंत्री मंच पर थे।

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ठळक मुद्देमुख्यमंत्री की रैली में व्यवधान पैदा करने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। गौरतलब है कि सकरा की रैली से पहले भी मुख्यमंत्री को कुछ रैलियों में विरोध की स्थिति का सामना करना पड़ा है।राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की शह पर काम करने का आरोप लगाया तथा कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।

मुजफ्फरपुरः मुजफ्फरपुर के सकरा में एक चुनावी रैली के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हेलीकॉप्टर की तरफ सोमवार को किसी व्यक्ति ने चप्पल फेंक दी।

हालांकि, चप्पल हेलीकॉप्टर तक नहीं पहुंची। पुलिस उपाधीक्षक (मुजफ्फरपुर पूर्वी) मनोज पांडेय ने बताया कि रैली के दौरान हेलीपैड पर खड़े मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की तरफ चप्पल फेंकी गई। उस समय मुख्यमंत्री मंच पर थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की रैली में व्यवधान पैदा करने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। चप्पल फेंकने की घटना के समय कुछ लोग नारेबाजी भी कर रहे थे। गौरतलब है कि सकरा की रैली से पहले भी मुख्यमंत्री को कुछ रैलियों में विरोध की स्थिति का सामना करना पड़ा है।

कुछ स्थानों पर कुमार ने शोरशराबा करने वालों पर नाराजगी भी व्यक्त की और उनपर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की शह पर काम करने का आरोप लगाया तथा कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। सकरा, महुआ और महनार की रैलियों में नीतीश ने राजद पर निशाना साधा और उसपर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने तेजस्वी यादव के दस लाख नौकरी देने के वादे पर भी तंज कसा। राजद पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को चुनाव के समय तरह-तरह के वादे करने और ठगने की आदत होती है लेकिन उन्हें काम से कोई मतलब नहीं होता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने जो कहा, वह करके दिखाया है और आगे भी काम करेंगे।’’

नीतीश ने यह बात वैशाली के महुआ क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही। गौरतलब है कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव ने महुआ सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार तेज प्रताप यादव अपनी पुरानी महुआ सीट छोड़कर समस्तीपुर की हसनपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। महुआ सीट से जद (यू) उम्मीदवार आसमां परवीन मैदान में हैं।

नीतीश ने महुआ में रैली को संबोधित करते हुए तेजप्रताप यादव का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि कुछ लोगों की आदत कुछ न कुछ बोलते रहने, लोगों को ठगने और भ्रमित करने की होती है। उन्होने कहा, ‘‘ ऐसे लोग चुनाव के समय भ्रम फैलाने और समाज में विवाद पैदा करने का काम करते हैं। लेकिन हमने सभी क्षेत्र और समाज के हर तबके के लोगों के विकास के लिए काम किया है। कोई ऐसा नहीं कह सकता कि मेरे समाज के लोगों का ख्याल नहीं रखा गया। हमने जो कहा, वह करके दिखाया है, आगे और भी काम करेंगे।’’ नीतीश ने कहा कि वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय की स्थापना हो रही है और इसपर 315 करोड़ रुपये की लागत आ रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी रुचि सिर्फ काम करने में है, लोग देख लें कि पहले क्या हुआ और आज क्या स्थिति है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे जीवन में काम के अलावा और कुछ नहीं है।’’ लालू प्रसाद पर परोक्ष निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए पति, पत्नी, बेटा-बेटी ही परिवार हैं जबकि ‘‘हमारे लिए पूरा बिहार परिवार है।’’

वैशाली के महनार में एक चुनावी सभा को संबोधित हुए नीतीश कुमार ने दिवंगत रघुवंश प्रसाद सिंह के साथ अंतिम दिनों में राष्‍ट्रीय जनता दल में हुए व्‍यवहार का मुद्दा उठाकर विपक्षी राजद और उसके नेता तेजस्‍वी यादव को घेरने की कोशिश की तथा कहा कि ऐसे लोग अपने परिवार को छोड़कर और किसी को अपना नहीं मानते हैं। महनार में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, ‘‘ जो रघुवंश बाबू 1990 से लगातार उनका (राजद) साथ देते रहे, उनके साथ कैसा व्यवहार किया। जब रघुवंश बाबू की तबीयत खराब थी तब उनके साथ कैसा व्‍यवहार किया गया।’’

उन्होंने कहा कि रघुवंश बाबू से उनके संबंध जेपी आंदोलन और आपातकाल के समय से थे। केंद्र में मंत्री के तौर पर उन्होंने विशेष काम किया और जो कुछ उनसे संभव हुआ, उन्होंने किया। राजद के शासनकाल का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले न पढ़ाई की व्यवस्था थी, न इलाज का इंतजाम था और न लोगों के आने-जाने की सुविधा थी और शाम के बाद लोगों की घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं होती थी।

उन्होंने कहा कि पहले अपराध की कितनी घटनाएं होती थीं, कितनी नरसंहार, हत्या की घटनाएं होती थीं, डॉक्टरों एवं व्यापारियों को भागना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने अपराध की घटनाओं को नियंत्रित करने का काम किया है। हमने कानून का राज कायम किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने हर घर तक बिजली पहुंचा दी है। साल 2005 में बिजली की खपत मात्र 500 मेगावाट थी, वह आज 6000 मेगावाट हो गई है।’’

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