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ईंधन की कीमतों में बड़ी कटौती की जाए, जीएसटी को तर्कसंगत बनाया जाए :थरूर

By भाषा | Updated: July 16, 2021 17:22 IST

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चेन्नई, 16 जुनलाई कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र के नरेद्र मोदी नीत शासन पर ‘‘ईंधन पर कर का इस्तेमाल सरकार के खजाने को भरने में इस्तेमाल करने’’ का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को ईंधन पर कर और उप कर तथा आवश्यक वस्तुओं पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती करने की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने केंद्र से घरेलू इस्तेमाल की वस्तुओं पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को तर्कसंगत बनाने और सरल करने की भी मांग की।

थरूर ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि ईंधन पर करों और उप कर में बड़ी कटौती, आवश्यक वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाया जाये ।’’

केरल के तिरूवनंतपुरम से लोक सभा सदस्य ने आम आदमी की पूरी तरह से अनदेखी करने को लेकर केंद्र पर प्रहार करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार ने पिछले साल केवल पेट्रोल और डीजल पर कर से करीब 4.2 लाख करोड़ रुपये जुटाए।

उन्होंने यहां तमिलनाडु कांग्रेस समिति मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह इसके पिछले शासन में एकत्र की गई राशि की तीन गुनी है। ’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने अपने शासन के दौरान पेट्रोल पर प्रति लीटर 6.45 रुपये का उपकर एकत्र किया और प्रति लीटर तीन रुपया राज्यों को दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘अब भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार ने नाटकीय ढंग से ईंधन की कीमतें बढ़ा दी लेकिन अब भी राज्य सरकारों को तीन रुपये प्रति लीटर दिया गया है।’’

उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में टिप्पणी की, ‘‘मैं देख रहा हूं कि आप में से कुछ ने मास्क पहन रखे हैं। इससे दम घुटता है(लगातार मास्क पहनने से)। भाजपा शासन के पिछले सात साल के दौरान ईंधन की कीमतों में वृद्धि से हमारा कहीं अधिक दम घुट रहा है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि यहां तक कि रसोई गैंस सिलेंडर की कीमतें आसमान छू रही हैं और मौजूदा संकट के लिए भाजपा सरकार के कुशासन को उन्होंने जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने आम आदमी को बहुत कम वित्तीय सहायता दी है जो आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के चलते परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने लोगों और बेरोजगारों को वित्तीय सहायता भी देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि देश कोई साधारण मुद्रास्फीति की स्थिति का सामना नहीं कर रहा है।

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया, ‘‘अंतरराष्ट्रीय कीमतें धीमी गति से बढ़ रही है। सरकार अपने खजाने को भरने के लिए ईंधन पर कर लगा रही है। यह आम आदमी की परेशानियों की पूरी तरह से अनदेखी है। ’’ उन्होंने तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि होने की केंद्र की दलील पर भी सवाल उठाया।

उनकी पार्टी सोमवार से शुरू हो रहे संसद के सत्र के दौरान तमिलनाडु में सूक्ष्म,लघु एवं मझोले उद्यमों के बंद होने, केंद्र के नये कृषि कानूनों को लेकर किसान आंदोलन, सीमा के पास चीनी बलों की तैनाती बढ़ने और राफेल लड़ाकू विमान सौदे की विस्तृत जांच कराने की मांग के अलावा ईंधन की कीमतों में वृद्धि का मुद्दा भी उठाएगी।

थरूर ने कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार के कोविड-19 कुप्रबंधन और अर्थव्यवस्था का मुद्दा भी उठाएगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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