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मीडिया के सामने निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने की बड़ी चुनौती : अखिलेश यादव

By भाषा | Updated: September 18, 2021 18:22 IST

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लखनऊ, 18 सितंबर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि आज मीडिया के सामने समाचारों के प्रसार में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती है ताकि तथ्यों और सबूतों के आधार पर नागरिकों को किसी पूर्वाग्रह को प्रदर्शित किये बिना सही जानकारी दी जा सके।

लखनऊ में शनिवार को एक मीडिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने कहा,‘‘ आज पत्रकारिता के क्षेत्र में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर समाचार प्रसारित करना एक बड़ी चुनौती है।''

उन्‍होंने कहा,‘‘इस समय हमारे देश के सामने- खासकर उत्तर प्रदेश की जनता के सामने- बहुत चुनौती है, जैसे-जैसे चुनाव करीब आएगा ये चुनौतियां बढ़ेगी। इसलिए कहीं न कहीं मुझे लगता है कि तथ्‍य और साक्ष्‍यों के साथ पत्रकारिता होगी और आपकी खबरें अखबारों में छपेगी तो समाज को और देश को बहुत लाभ होगा।’’

लोकतंत्र को चलाने में चौथे स्तंभ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पत्रकारिता मजबूत होती है तब लोकतंत्र मजबूत होता है। अगर पत्रकार मजबूत है तो लोकतंत्र मजबूत होगा। लोकतंत्र में जितनी सच्चाई सामने आएगी उतना ही वह मजबूत होगा।’’

उन्‍होंने दोहराया कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में 400 सीटें जीतने जा रही है। उन्‍होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग अच्छी आय अर्जित करने के लिए धारणाएं बना रहा है और कहानी गढ़ रहा है। विशेष रूप से प्रिंट मीडिया को वर्तमान परिदृश्य में राजस्व की परवाह किये बिना अपने निष्पक्ष समाचार प्रसार के लिए एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्‍होंने अपने कार्यकाल में लखनऊ और राज्य में काफी विकास कार्य किये लेकिन मौजूदा शासन की तरह विकास का राजनीतिकरण नहीं किया।

यादव यहां पीटीआई कर्मचारियों के अखिल भारतीय महासंघ की वार्षिक आम सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को महत्वपूर्ण बताते हुए यादव ने कहा कि ''दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है और इसलिए राजनीतिक रूप से आगामी चुनाव लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे को बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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