लाइव न्यूज़ :

उड़ान योजना के चौथे चरण के लिए मंगलवार से स्वीकार की जाएंगी बोलियां

By भाषा | Updated: December 3, 2019 05:52 IST

प्राधिकरण ने इच्छुक कंपनियों से ई-प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। प्राधिकरण मंगलवार से इन बोलियों को स्वीकार करना शुरू करेगा।

Open in App

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) उड़ान योजना के चौथे चरण के तहत मंगलवार से विभिन्न मार्गों पर बोलियां स्वीकार करेगा। सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में सोमवार को यह जानकारी दी।

उड़ान योजना को क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के तौर पर जाना जाता है। इसके तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार और हवाईअड्डा परिचालक कम सेवाओं वाले या सेवा से बाहर वाले हवाई मार्गों पर हवाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए कंपनियों को विभिन्न तरह की रियायत देते हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार नागर विमानन मंत्रालय की ओर से इस निविदा को प्राधिकरण संभाल रहा है। प्राधिकरण ने इच्छुक कंपनियों से ई-प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। प्राधिकरण मंगलवार से इन बोलियों को स्वीकार करना शुरू करेगा। भाषा शरद महाबीर महाबी

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटइंडियन प्रीमियर लीग में भुवनेश्वर कुमार ने जड़ा 'दोहरा शतक', ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज, जानें पहले पायदान पर कौन?

क्रिकेट37 के साथ सबसे आगे CSK?, आईपीएल में सबसे ज्यादा 200 से अधिक रन बनाने वाली टीमें, देखिए टॉप-5 लिस्ट

क्राइम अलर्टमैडम दुकान के सामने गाड़ी मत लगाओ, ग्राहक को आने में दिक्कत होगी?, 78 वर्षीय दुकानदार को महिला उपनिरीक्षक ने थप्पड़ मारा, प्राथमिकी दर्ज

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

पूजा पाठPanchang 06 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

भारत अधिक खबरें

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल