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Coronavirus: भोपाल गैस पीड़ितों को कोरोना संक्रमण का ज्यादा खतरा, अब तक 5 की मौत

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: April 16, 2020 08:04 IST

भोपाल ग्रुप फॉर इंफार्मेशन एंड एक्शन की सदस्य रचना ढींगरा ने 21 मार्च को एक पत्र केन्द्र और राज्य सरकारों को लिखकर इस बात की आशंका जताई थी कि राजधानी भोपाल में गैस पीड़ितों के लिए कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा ज्यादा है.

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ठळक मुद्देभोपाल गैस पीड़ितों के हितों के लिए लंबे समय से काम करने वाले संगठन भोपाल ग्रुप फॉर इन्फार्मेशन एंड एक्शन की सदस्य रचना ढींगरा ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को कोरोना वायरस संक्रमण का ज्यादा खतरा है. भोपाल में अब तक 5 गैस पीड़ितों की मौत इस संक्रमण के कारण हुई है.

भोपाल गैस पीड़ितों के हितों के लिए लंबे समय से काम करने वाले संगठन भोपाल ग्रुप फॉर इन्फार्मेशन एंड एक्शन की सदस्य रचना ढींगरा ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को कोरोना वायरस संक्रमण का ज्यादा खतरा है. भोपाल में अब तक 5 गैस पीड़ितों की मौत इस संक्रमण के कारण हुई है.

उन्होंने कहा कि गैस पीड़ितों के लिए बनाए अस्पताल भोपाल मेमोरियल हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर (बीएचएमआरसी) राज्य सरकार ने कोरोना उपचार संस्थान के रूप में चिंन्हित कर लिया है, जिसके कारण इस अस्पताल में गैस पीड़ितों को इलाज के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. संगठन के विरोध के बाद आज दोपहर को सरकार ने बीएचएमआरसी को कोरोना उपचार संस्थान से हटा लिया है. कोरोना उपचार संस्थान की सूची से इसके हटाए जाने के आदेश स्वास्थ्य आयुक्त ने दे दिए हैं.

भोपाल ग्रुप फॉर इंफार्मेशन एंड एक्शन की सदस्य रचना ढींगरा ने 21 मार्च को एक पत्र केन्द्र और राज्य सरकारों को लिखकर इस बात की आशंका जताई थी कि राजधानी भोपाल में गैस पीड़ितों के लिए कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा ज्यादा है. उन्होंने पत्र में लिखा था कि गैस पीड़ितों में कोरोना का संक्रमण होने की आशंका अन्य लोगों की तुलना में 5 गुना ज्यादा है.

उनका आरोप है कि सरकार ने उनके इस पत्र पर कोई ध्यान नहीं दिया और गैस पीड़ितों के एकमात्र अस्पताल बीएचएमआरसी को गैस पीड़ितों के इलाज के लिए पूर्ण रूप से बंद कर दिया. उन्होंने कहा कि इससे गैस पीड़ितों को इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ढींगरा ने बताया कि गैस पीड़ितों के अस्पताल बीएचएमआरसी के 2 पल्मोनोलाजिस्ट और बाकी सारे विशेषज्ञ पिछले 25 दिन से सिर्फ कोरोना के लिए प्रोटोकाल विकसित कर रहे हैं.

ढींगरा ने बताया कि भोपाल में 5 अप्रैल को जिस पहले 55 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण मौत हुई थी, वह भोपाल गैस त्रासदी में गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे और उन्हें लम्बे समय से फेफड़े की समस्या थी. उन्होंने एक निजी अस्पताल में दम तोड़ा. उन्होंने कहा कि शहर में कोरोना वायरस से जिस दूसरे व्यक्ति की मौत हुई वह 80 साल के भेल के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे. वह भी भोपाल गैस पीड़ित थे और बीएचएमआरसी अस्पताल में गैस पीड़ितों का इलाज बंद होने के कारण अपना इलाज नहीं करा पा रहे थे. उन्होंने 8 अप्रैल को अंतिम सांस ली और 11 अप्रैल को आई उनकी कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई थी.

ढींगरा ने बताया कि कोरोना संक्रमण से 40 वर्षीय जिस तीसरे मरीज की भोपाल में मौत हुई, वह भी भोपाल गैस पीड़ित थे. एक साल से मुंह के कैंसर से भी पीड़ित थे. उनकी मौत 12 अप्रैल को हुई और उसी दिन उनकी रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उन्होंने कहा कि संक्रमण से जान गंवाने वाले चौथे व्यक्ति भी गैस पीड़ित थे. 52 वर्षीय वह व्यक्ति क्षय रोगी थे, उनकी मृत्यु 11 अप्रैल को सरकारी हमीदिया अस्पताल में हुई. ढींगरा ने बताया कि भोपाल में कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले पांचवें व्यक्ति भी गैस पीड़ित थे. वह 75 वर्ष के वरिष्ठ पत्रकार थे. उनकी मृत्यु 11 अप्रैल को हुई. उनमें संक्रमण की पुष्टि 14 अप्रैल को आई रिपोर्ट में हुई.

आदेश वापस लिया शासन ने

5 गैस पीड़ितों की मौत के बाद जब भोपाल भोपाल गु्रप फार इंफार्मेशन एंड एक्शन की सदस्य रचना ढींगरा ने यह मुद्दा उठाया तो आज बुधवार की दोपहर को स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए चिन्हाहिंत किए भोपाल मेमोरियल अस्पताल को सूची से हटा दिया और इसका आदेश भी जारी कर दिया है. लोक स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त फैज अहमद किदवई ने आज आदेश जारी कर कहा कि भोपाल मेमोरियल अस्पताल को कोरोना स्वास्थ्य केन्द्र की सूची से हटाया जाए. साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि अब उक्त संस्थान का केवल कोरोना के तह सेम्पल टेस्टिंग लेब के रुप में ही उपयोग किया जाएगा.

सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस

भोपाल ग्रुप फार इनफार्मेशन एक्शन द्वारा इस मामले को लेकर एक जनहित याचिका (07350/2020) की दायर की गई थी. इस याचिका पर आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चीफ जस्टिस एवं जस्टिस विजय शुक्ल के समक्ष सुनवाई हुई. अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किए गए है और 21 अप्रैल को बीएचएमआरसी अस्पताल में गैस पीड़ितों के इलाज के संबंध में विस्तृत हलफनामे देने के लिए आदेशित किया है. इस मामले की पैरवी अधिवक्ता नमन नागरथ द्वारा की गई. 

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