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बघेल ने केंद्र पर लगाया राज्य के हितों का अतिक्रमण करने का आरोप

By भाषा | Updated: December 16, 2021 00:04 IST

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रायपुर, 15 दिसंबर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर राज्य के हितों का अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है और कहा है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर केंद्र सरकार के अंश में कमी से राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।

विधानसभा में बुधवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 के दूसरे अनुपूरक बजट के लिए हुई चर्चा के जवाब में बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एक तरफ छत्तीसगढ़ के हक की राशि नहीं दी जाती है और दूसरी तरफ कहा जाता है कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को पूरा नहीं कर पा रही है। बघेल ने कहा, “संविधान के अनुच्छेद एक में कहा गया है कि भारत राज्यों का एक संघ होगा। यह संघवाद की बात करता है। लेकिन इस समय (देश में) क्या हो रहा है। उन्होंने (भाजपा ने) संघियों (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) की सरकार बनाई है। यह संघ की सरकार नहीं बल्कि यह संघियों की सरकार है।”

उन्होंने कहा, “वे लगातार राज्यों के हितों का अतिक्रमण कर रहे हैं और उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए राज्य आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। हम बार-बार कहते हैं कि देश को डॉक्टर आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलने दें, तो कोई समस्या नहीं होगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार एक तरफ राज्यों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संचालन के लिए केंद्रीय मदद की राशि में कटौती कर रही है, वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के हक की लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की राशि नहीं दे रही है।

बघेल ने कहा कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे कई राष्ट्रीय कार्यक्रमों में केंद्र का अंश घटाकर राज्यों पर बोझ बढ़ा दिया गया है और अब राज्यों पर काम नहीं करने का आरोप मढ़ा जा रहा है।

अनुपूरक बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरे अनुपूरक बजट में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों के लिए 599 करोड़ रुपये, 42 नगरीय निकायों में जल आवर्धन योजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए 304 करोड़ रुपये, नई समितियों के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये तथा नवा रायपुर में गुरु घासीदास शोधपीठ और संग्रहालय के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा के बाद 2,108 करोड़ 62 लाख 84 हजार 389 रुपये के अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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