मुंबईः शिवसेना (UBT) नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बयान पर कहा कि असम का चुनाव अच्छा चल रहा है लेकिन पवन खेड़ा जैसे नेताओं ने अपने बड़बोलेपन की वजह से इस चुनाव में कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाया है। पासपोर्ट वाला विषय लाना ही नहीं चाहिए था। पवन खेड़ा और हिमंत बिस्वा सरमा ने इस चुनाव को व्यक्तिगत बना दिया है, जबकि ये चुनाव भाजपा बनाम कांग्रेस होना चाहिए, इससे चुनाव बिगड़ जाता है। चुनाव मुद्दों पर, विकास पर, नीति और रणनीति पर होने चाहिए। इन सब विषयों का जनता का कोई लेना-देना नहीं है, हमें लगता है कि पवन खेड़ा जो कांग्रेस के बड़े नेता हैं, उनको कम से कम ऐसी चीजों से बचना चाहिए और चुनाव को व्यक्तिगत नहीं होने देना चाहिए।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर कहा कि कोई भी प्रवक्ता यदि कुछ कहता है तो वह अपने मन से कुछ नहीं बोलता बल्कि पार्टी की ओर से बोलता है। अगर किसी प्रवक्ता के खिलाफ FIR होती है तो यह गैरकानूनी है, हर रोज भाजपा के नेता हम पर आरोप लगाते रहते हैं। हमें भी उन पर रोज FIR करा देनी चाहिए। राजनीति में ऐसा नहीं होता है, मैं इस कदम की निंदा करता हूं।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पवन खेड़ा ने हिमंत बिस्वा सरमा औ र परिवार के खिलाफ सबूतों के साथ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। आपकी पुलिस (असम पुलिस) दिल्ली में किसे डराने की कोशिश कर रही है? सब जानते हैं कि आपने असम के लोगों को कैसे लूटा। आप जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपनी पुलिस भेजकर, आप साबित कर रहे हैं कि आप घबरा गए हैं।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस मैं भी सुन रहा था और वह बड़े तथ्यात्मक तरीके से बात कर रहे थे और गुवाहाटी में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे जो उनके आत्मविश्वास स्तर को दिखा रहा था सच्चाई तो लोगों के सामने आएगी झूठ के ऊपर आप कभी पर्दा नहीं डाल सकते।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "एक ओर पीएम नरेंद्र मोदी हैं जो पलायन रोकना चाहते हैं और दूसरी ओर राहुल बाबा हैं, जो घुसपैठ कराना चाहते हैं। असम के 7 जिले धुबरी, बरपेटा, दरांग, मोरीगांव, बोंगाईगांव, नौगांव और गोलपाड़ा, यह सभी मुस्लिम बहुल जिले बन चुके हैं।
मैं आज असम की जनता से कहने आया हूं कि आपने गौरव गोगोई पर विश्वास किया तो फिर से असम में घुसपैठ शुरू हो जाएगी। शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "हम घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से कटवा रहे हैं। ममता दीदी और राहुल बाबा के पेट में दर्द हो रहा है। अरे राहुल बाबा, CAA का तो आप विरोध करते थे, जो शरणार्थी बंगाली भाई-बहन यहां आए हैं।
उन्हें मतदान का अधिकार देने पर आप विरोध कर रहे थे लेकिन घुसपैठियों का क्यों स्वागत कर रहे हैं? क्योंकि वो उनका वोट बैंक हैं... रोने दो ममता बनर्जी को, राहुल बाबा को छाती पीटने दो लेकिन इस देश से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुन कर भाजपा निकाल देगी।
रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने कहा कि पूरे असम में लोग इंतजार कर रहे हैं कि 9 अप्रैल को विपक्ष को वोट देंगे और परिवर्तन लाएंगे। असम में भाजपा की तानाशाही सरकार को हटाने का लोगों ने मन बना लिया है।