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असम चुनाव : विपक्षी पार्टियों ने पत्रकारों को धमकी देने के आरोपी मंत्री को अयोग्य करार देने की मांग की

By भाषा | Updated: April 2, 2021 20:52 IST

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गुवाहाटी, दो अप्रैल असम की विपक्षी पार्टियों -कांग्रेस, एआईयूडीएफ, रायजोर दल और असम जातीय दल ने मंत्री पीयूष हजारिका को उनकी पत्नी का विवादित चुनावी भाषण कवर करने पर कथित रूप से दो पत्रकारों को धमकाने के आरोप में विधानसभा चुनाव के लिए अयोग्य करार देने की शुक्रवार को मांग की।

राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री हजारिका के खिलाफ इस मामले में मोरेगांव जिले के जागीरोड पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह प्राथमिकी संबंधी पत्रकार नजरुल इस्लाम की शिकायत पर दर्ज की गई है।

शिकायतकर्ता को तत्काल प्रभाव से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है।

असमी न्यूज चैनल प्रतिदिन टाइम पर प्रसारित ऑडियों क्लिप में हजारिका की नजरुल इस्लाम से हुई कथित बातचीत है। क्लिप के मुताबिक मंत्री उन्हें और एक अन्य पत्रकार तुलसी को उनके घर से निकालकर ‘खत्म’ करने की कथित रूप से धमकी दे रहे हैं।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हजारिका द्वारा की गई कथित धमकी की निंदा की और कहा, उनका गुस्सा संकेत है कि वह जागीरोड सीट से हार रहे हैं।

एआईयूडीएफ के संगठन महासचिव अमीनुल इस्लाम ने भाजपा नेता की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता ने उन्हें उग्र और कृतघ्न बना दिया है।

रायजोर दल के सलाहकार सीतानाथ लहकर और घनश्याम नाथ ने कहा कि भाजपा के मंत्री को इस चुनाव में अयोग्य करार देने के लिए कानून की संबंधित धाराओं के तहत पर्याप्त सामग्री है।

लहकर ने कहा, ‘‘हम मंत्री पीयूष हजारिका द्वारा पत्रकारों के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा और उनको दी गई धमकी की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने गुंडे की तरह व्यवहार किया। निर्वाचन आयोग को तुरंत उन्हें अयोग्य करार देना चाहिए है यही हमारी मांग है।’’

असम जातीय परिषद के महासचिव जगदीश भुइयां ने भी पत्रकारों को दी गई कथित धमकी की निंदा की और भाजपा के मंत्री के खिलाफ तुंरत कार्रवाई करने की मांग की।

इस बीच, सैकड़ों पत्रकारों, वकीलों, विद्यार्थियों, बुद्धिजीवियों और समाज के अन्य वर्गों के लोग सड़कों पर उतरे और हजारिका द्वारा कथित रूप से पत्रकारों को दी गई धमकी का विरोध किया और उनकी तुंरत गिरफ्तारी की मांग की।

ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन और असोम जातीयबाड़ी युवा छात्र परिषद ने भी घटना की निंदा की और निर्वाचन आयोग से उन्हें अयोग्य करार देने की मांग की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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