गुवाहाटीः कांग्रेस ने असम में अपने 212 कार्यकर्ताओं को कुछ माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर बृहस्पतिवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इस चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशानात्मक कार्रवाई समिति के प्रमुख भरत चंद्र नारा ने कहा कि 15 जिला इकाइयों ने उन कार्यकर्ताओं की सूचियां सौंपी हैं जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।
पार्टी ने इस मामले पर विचार के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है और 212 कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। नारा ने कहा कि इन कार्यकर्ताओं ने चुनाव के दौरान दूसरे दलों के उम्मीदवारों की प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से मदद की। सबसे ज्यादा लखीमपुर जिले के 51 कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है।
इसके बाद प्रमुख रूप से करीमगंज में 29, धुबरी में 26 और तिनसुकिया में 25 कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने 60 जबकि इसकी सहयोगी असम गण परिषद ने नौ और यूपीपीएल ने 6 सीटे जीतीं। वहीं कांग्रेस ने 29, एआईयूडीएफ ने 16, बीपीएफ ने 4 सीट जीती।
कांग्रेस ने गोवा विधानसभा चुनाव के लिए कई समितियों का गठन किया
कांग्रेस ने अगले साल होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बृहस्पतिवार को चुनाव अभियान समिति और घोषणापत्र समिति समेत कई समितियों का गठन किया। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सोनिया गांधी ने गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए चुनाव अभियान समिति, घोषणापत्र समिति, प्रचार समिति और चुनाव समन्वय समिति के गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
गोवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लुईजिन्हो फलेरियो की अध्यक्षता में चुनाव समन्वय समिति का गठन किया है। इस समिति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिंदबरम भी शामिल हैं जो गोवा में चुनाव के लिए पार्टी के प्रभारी हैं। एलेक्सियो लॉरेंको की अगुवाई में चुनाव अभियान समिति, रमाकांत खलफ की अध्यक्षता में घोषणापत्र समिति और चंद्रकांत चोडानकर की अध्यक्षता में प्रचार समिति का गठन किया गया है।