असम विधानसभा चुनाव 2026ः बीजेपी 89, असम गण परिषद 26 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 11 सीट पर लड़ेंगे?, सीट बंटवारे का फार्मूला तय?, 1,3 और 6 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे रैली
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 18, 2026 17:34 IST2026-03-18T17:32:39+5:302026-03-18T17:34:04+5:30
Assam Assembly Elections 2026: बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) क्षेत्र में यूपीपीएल और बीपीएफ में प्रतिद्वंद्वी दल हैं।

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गुवाहाटी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी असम विधानसभा चुनावों में 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद 26 सीटों पर और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। तीनों पार्टियों के नेतृत्व के बीच कई दौर की बातचीत के बाद सीटों के बंटवारे का फार्मूला तय किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के अंतिम चरण के तहत 1, 3 और 6 अप्रैल को असम में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा सभी उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है, जिसके बाद जल्द ही उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक की जाएगी।
पार्टी उन 89 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने की योजना बना रही है, जिन पर वह चुनाव लड़ेगी। असम में मतदान 9 अप्रैल को होना है और भाजपा राज्य में सत्ता बरकरार रखने का लक्ष्य लेकर चल रही है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य में भाजपा नीत गठबंधन में शामिल अगप और बीपीएफ के बीच सीट बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है।
और आज ही यह घोषित किये जाने की उम्मीद है कि कौन सी पार्टी किस सीट पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने बताया कि यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) अब राज्य में भाजपा नीत गठबंधन का हिस्सा नहीं है, जबकि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) गठबंधन में बना रहेगा। बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) क्षेत्र में यूपीपीएल और बीपीएफ में प्रतिद्वंद्वी दल हैं।
बीटीसी राज्य का एक स्वायत्त क्षेत्र है जिसका गठन 2003 में संविधान की छठी अनुसूची के तहत किया गया था। बीटीसी क्षेत्र में विधानसभा की 15 सीट आती हैं। मुख्यमंत्री ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ यूपीपीएल 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। हमारा गठबंधन बीपीएफ के साथ है।’’
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा जबकि मतों की गिनती के लिए चार मई की तारीख तय की गई है। यूपीपीएल पूरे पांच साल तक शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा की गठबंधन सरकार का हिस्सा रही, जबकि बीपीएफ ने बाद में अपना समर्थन दिया। दोनों पार्टियों के राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री थे। बीपीएफ 2016 में भाजपा के नेतृत्व वाली पिछली गठबंधन सरकार का भी हिस्सा थी।
इससे पहले, बीपीएफ 2006 से कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों की सहयोगी रही है। शर्मा ने कहा कि अगप 26 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और पिछले चुनाव में भी उसने इतनी सीटों पर ही किस्मत आजमायी थी। उन्होंने बताया कि सीट बंटवारा समझौते के तहत बीपीएफ को 11 सीट आवंटित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ आज शाम हमारी संसदीय दल की बैठक के बाद, हम संभवतः सीटों के नामों की घोषणा कर सकते हैं।’’ असम विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा,अगप और बीपीएफ ने अब तक किसी भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।