... वादा क्या याद दिलाया, मंत्री अश्विनी कुमार चौबे जी आपा ही खो बैठे
By भाषा | Updated: November 16, 2019 03:24 IST2019-11-16T03:24:22+5:302019-11-16T03:24:22+5:30
केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने तीन महीने पहले वादा किया था कि एक महीने के अंदर इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनें लगा दी जाएंगी लेकिन कुछ नहीं हुआ।

... वादा क्या याद दिलाया, मंत्री अश्विनी कुमार चौबे जी आपा ही खो बैठे
केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे शुक्रवार को उस समय अपना आपा खोकर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार कर बैठे जब प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बक्सर सदर अस्पताल में शीघ्र ही स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू करने का उनका वादा याद दिलाया। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। इनमें से कुछ लोगों ने केंद्रीय परिवार एवं कल्याण राज्यमंत्री चौबे को सदर अस्पताल में एक महीने के अंदर अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन शुरू कराने का उनका वादा याद दिलाया, तब यह घटना घटी।
कुछ विकलांगों समेत प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बक्सर से लोकसभा सदस्य चौबे ने उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहने से पूर्व धक्का दिया और उन पर चिल्लाये। इस पूरी घटना को कई खबरिया चैनलों ने दिखाया और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी फैल गया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने तीन महीने पहले वादा किया था कि एक महीने के अंदर इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनें लगा दी जाएंगी लेकिन कुछ नहीं हुआ। एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि जब प्रदर्शनकारियों ने उन्हें उनका यह वादा याद दिलाया तो वह उत्तेजित हो गये और उन्होंने एक तख्ती फाड़ दी।
चैनल पर प्रसारित खबरों में एक प्रदर्शनकारी मंत्री से कह रहा है, ‘‘ आप मुझे अंगुली मत दिखाइए। मैंने क्या किया है? आपने वादा किया था कि अल्ट्रासाउंट एक महीने में शुरू हो जाएगा लेकिन कुछ नहीं हुआ। ’’
एक अन्य नाराज प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘ यह शर्म की बात है कि हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और मंत्री ने हमें धक्का दिया । धक्का देना आने वाले समय में उन्हें महंगा पड़ेगा।’’
चौबे पिछले कुछ समय से आम आदमी या सरकारी अधिकारियों के साथ किसी न किसी विवाद में फंसते रहे हैं। पंद्रह अक्टूबर को जब चौबे शहर में डेंगू के रोकथाम के लिए उठाये गये कदमों का जायजा लेने पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे थे तब बिहार के विवादास्पद नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के समर्थक ने उन पर स्याही फेंकी थी। इसी साल 24 सितंबर को अपने निर्वाचन क्षेत्र में उन्होंने सभी के सामने एक उपनिरीक्षक को एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता को नोटिस भेजने पर धमकी दी थी। बाद में उपनिरीक्षक ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करायी।