आसाराम बापू इलाज के लिए इंदौर पहुंचे, बेटे नारायण साईं पेशी पर कोर्ट में पेश, पिता-पुत्र का एक ही शहर में संयोग
By मुकेश मिश्रा | Updated: March 24, 2026 18:23 IST2026-03-24T18:23:12+5:302026-03-24T18:23:12+5:30
आसाराम बापू (84 वर्षीय) को गुजरात के जामनगर सेंट्रल जेल से विशेष प्लेन द्वारा इंदौर लाया गया। सोमवार शाम करीब 6 बजे वे एमवाय अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनकी प्रारंभिक जांच की।

आसाराम बापू इलाज के लिए इंदौर पहुंचे, बेटे नारायण साईं पेशी पर कोर्ट में पेश, पिता-पुत्र का एक ही शहर में संयोग
इंदौर: बलात्कार और यौन शोषण के गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे विवादास्पद संत आसाराम बापू सोमवार शाम सांस संबंधी गंभीर तकलीफ के चलते मेडिकल जांच के लिए इंदौर पहुंचे। उधर, मंगलवार को उनके बेटे नारायण साईं को भी कड़ी सुरक्षा के बीच सूरत से इंदौर लाया गया, जहां उनकी पत्नी जानकी द्वारा दायर भरण-पोषण और तलाक के मामले में फैमिली कोर्ट में पेशी कराई गई। इस असामान्य संयोग ने पूरे दिन शहर में चर्चाओं का दौर चलाए रखा।
आसाराम बापू (84 वर्षीय) को गुजरात के जामनगर सेंट्रल जेल से विशेष प्लेन द्वारा इंदौर लाया गया। सोमवार शाम करीब 6 बजे वे एमवाय अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनकी प्रारंभिक जांच की। सांस लेने में तकलीफ, कमजोरी और हृदय संबंधी शिकायतों के कारण उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार, यह ट्रांसफर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मेडिकल ग्राउंड पर किया गया। इंदौर जिला प्रशासन ने अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया है, जिसमें आरएएफ और स्थानीय पुलिस शामिल है। भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई।
दूसरी ओर, नारायण साईं (44 वर्षीय) को गुजरात के सूरत जेल से ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लाया गया। उनकी पत्नी जानकी ने 2023 में भरण-पोषण न देने और वैवाहिक क्रूरता के आरोप लगाते हुए तलाक याचिका दायर की थी। मंगलवार सुबह 11 बजे फैमिली कोर्ट नंबर-2 में पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। नारायण साईं को वकील के माध्यम से पेश किया गया, और कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 15 अप्रैल तय की। पुलिस ने बताया कि पेशी के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी गई।
पृष्ठभूमि और कानूनी पचड़ा
आसाराम बापू और नारायण साईं पर 2013 से जोधपुर और सूरत में नाबालिग से बलात्कार के मामले दर्ज हैं। दोनों को 2018 में दोषी ठहराया गया, और वे जेल में सजा काट रहे हैं। नारायण साईं का वैवाहिक विवाद 2019 से चल रहा है, जिसमें जानकी ने करोड़ों रुपये का भरण-पोषण मांगा है। यह पहला मौका है जब पिता-पुत्र एक ही शहर में अलग-अलग कारणों से मौजूद हुए।
स्थानीय स्तर पर इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। कुछ ने इसे 'कर्म का फल' बताया, तो अन्य ने न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए। प्रशासन ने दोनों जगह सुरक्षा बढ़ा दी है। आसाराम की हालत पर मंगलवार शाम तक डॉक्टरों ने बयान जारी नहीं किया, लेकिन जांच जारी है। नारायण साईं को पेशी के बाद सूरत वापस भेज दिया गया।