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अरुण जेटली सुबह 11 बजे से  AIIMS में भर्ती, शाह समेत कई नेता मौजूद, जानें क्या है बीमारी 

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 9, 2019 20:16 IST

Arun Jaitley admitted to AIIMS: पेशे से वकील जेटली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत पहली राजग सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेटली ने अपने स्वास्थ्य कारणों से 2019 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा।

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ठळक मुद्देपिछली सरकार में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल होने से मना कर दिया था।अरुण जेटली डायबिटीज समेत कई बीमारियों से जूझ रहे हैं।

लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (66) को AIIMS में भर्ती कराया गया है। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक जेटली को सुबह 11 बजे AIIMS में भर्ती कराया गया था। उन्हें सीएन (न्यूरो कार्डियक) सेंटर में ऐडमिट कराया गया है। डॉक्टरों की एक टीम जेटली की निगरानी कर रही है, जिसमें एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स, कार्डियोलॉजिस्ट्स और नेफ्रोलॉजिस्ट्स भी शामिल हैं। जेटली से मिलने के लिए गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी AIIMS पहुंचे हैं।

पिछली सरकार में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल होने से मना कर दिया था। उन्होंने पत्र में लिख कर कहा था कि मुझे मंत्री बनाने पर विचार न करें। इसी साल मई में उपचार के लिए जेटली को एम्स में भर्ती कराया गया था। पेशे से वकील जेटली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत पहली राजग सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेटली ने अपने स्वास्थ्य कारणों से 2019 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा। पिछले वर्ष 14 मई को जेटली का किडनी प्रतिरोपण हुआ था। अप्रैल 2018 से ही उन्होंने कार्यालय आना बंद कर दिया था और 23 अगस्त, 2018 को वित्त मंत्रालय में लौटे।  

जानें क्या बीमारी है अरुण जेटली को 

अरुण जेटली डायबिटीज समेत कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। पिछले साल मई में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता चला गया। उनके पैर में सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का भी कुछ ही महीनों पहले ट्रीटमेंट हुआ है। 

अरुण जेटली पिछले कई महीनों से सॉफ्ट टिश्यू सरकोमा से पीड़ित हैं। यह एक तरह के कैंसर का प्रकार है और यह तब होता है, जब कोशिकाएं डीएनए के भीतर विकसित होने लगती हैं। यह कोशिकाओं में ट्यूमर के रूप में विकसित होता है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैलने लगता है। यानी यह बीमारी शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है, खासकर व्यक्ति के कंधों और पैरों को अधिक प्रभावित करती है। ये किसी भी उम्र में हो सकता है।  

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