लाइव न्यूज़ :

सीबीआई में तीन नये संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति

By भाषा | Updated: November 17, 2021 15:34 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 17 नवंबर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारियों घनश्याम उपाध्याय, नवल बजाज और विद्या जयंत कुलकर्णी को बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में संयुक्त निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में यह जानकारी दी गयी।

आदेश के अनुसार तमिलनाडु कैडर की 1998 बैच की आईपीएस अधिकारी कुलकर्णी को प्रतिनियुक्ति आधार पर पांच साल के लिए नियुक्त किया गया है।

इसमें कहा गया कि 1999 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी उपाध्याय का कार्यकाल 29 जून, 2026 तक होगा।

आदेश में बताया गया कि 1995 बैच के महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी बजाज का संयुक्त कार्यकाल पांच साल यानी छह जून, 2026 तक होगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

क्रिकेटकेकेआर के लिए सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच क्यों नहीं खेल रहे हैं? जानें कारण

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत अधिक खबरें

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos

भारतDelhi Assembly Security Breach: कार में सवार व्यक्ति ने कॉम्प्लेक्स का गेट तोड़कर पोर्च में रखा गुलदस्ता, वीडियो

भारतबिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल, कहा- बिहार में 40 हजार करोड़ रुपये की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है