यूपी में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्र के वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनात होगी एंटी ड्रोन गन, खर्च होंगे 54,91,333 रुपए
By राजेंद्र कुमार | Updated: March 2, 2026 22:25 IST2026-03-02T22:25:08+5:302026-03-02T22:25:08+5:30
बताया जा रहा है कि राज्य में जेड प्लस और जेड सुरक्षा प्राप्त नेताओं के आवागमन समय उनकी फ्लीट में एंटी ड्रोन गन से लैस सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहेगा. इस फैसले के तहत सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र से आने वाले वीवीआईपी की सुरक्षा फ्लीट में एंटी ड्रोन गन से लैस सुरक्षाकर्मी भी रहेगा.

यूपी में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्र के वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनात होगी एंटी ड्रोन गन, खर्च होंगे 54,91,333 रुपए
लखनऊ: आतंकी हमलों में ड्रोन के इस्तेमाल किए जाने की आशंकाओं को देखते हुए यूपी में श्रेणीबद्ध सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी की हिफाजत के लिए सरकार ने एंटी ड्रोन गन विद डिटेक्शन सिस्टम खरीदने का फैसला किया गया है. सरकार ने चार ऐंटी ड्रोन गन विद डिटेक्शन सिस्टम खरीदने के लिए 2.19 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं. एक एंटी ड्रोन गन विद डिटेक्शन सिस्टम की कीमत 54,91,333 रुपए है.
बताया जा रहा है कि राज्य में जेड प्लस और जेड सुरक्षा प्राप्त नेताओं के आवागमन समय उनकी फ्लीट में एंटी ड्रोन गन से लैस सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहेगा. इस फैसले के तहत सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र से आने वाले वीवीआईपी की सुरक्षा फ्लीट में एंटी ड्रोन गन से लैस सुरक्षाकर्मी भी रहेगा.
इसलिए की गई खरीद
ऐंटी ड्रोन गन विद डिटेक्शन सिस्टम एक अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण है. यह सिस्टम एक उन्नत रक्षा तकनीक है जो दुश्मन के ड्रोन का पता लगाने, उसे ट्रैक करने और उन्हें निष्क्रिय करने का काम करता है. इसमें रडार आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी) स्कैनर और कैमरे का उपयोग किया जाता है. यह सिस्टम ड्रोन को जाम कर उसका कंट्रोल छीनकर या लेजर/नेट के जरिए उसे नष्ट कर सकता है.
इस सिस्टम के जरिए आसपास उड रहे ड्रोन की लोकेशन, दिशा, ऊंचाई और गतिविधि का पता लग जाता है. फिर ड्रोन को लेकर मिली जानकारी के आधार पर यह सिस्टम ड्रोन के कंट्रोल सिस्टम, जीपीएस और नेविगेशन को निष्क्रिय कर देता है. जिससे ड्रोन तुरंत गिर जाता है.
गृह विभाग के अफसरों के अनुसार, हाल के वर्षों में ड्रोन का उपयोग जासूसी करने, विस्फोटक गिराने, लाइव स्ट्रीमिंग और भीड़ की निगरानी जैसे उद्देश्यों के लिए बढ़ा है. भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों या बड़े राजनीतिक समारोहों में किसी संदिग्ध ड्रोन से बड़ा खतरा पैदा हो सकता है. ऐसे में यह सिस्टम सुरक्षाबलों को प्रति सेकंड प्रतिक्रिया देने और खतरा निष्क्रिय करने की क्षमता देगा. जिसके चलते उन्हें खरीदने का फैसला किया गया है.
अब इसका उपयोग वीवीआईपी के प्रदेश में आने के दौरान और राज्य में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा के लिए किया जाएगा.जिसके चलते इनके कार्यक्रमों में ऐंटी ड्रोन गन विद डिटेक्शन सिस्टम की तैनाती की जाएगी.
वीवीआईपी के हिफाजत का अभी यह हैं इंतजाम
यूपी में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्र से आने वाले श्रेणीबद्ध सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी की हिफाजत के लिए एंटी ड्रोन गन विद डिटेक्शन सिस्टम खरीदने का फैसला भले ही नया है, लेकिन इसके पहले इनकी हिफाजत के लिए कई फैसले लिया जा चुके है. सूबे की राज्यपाल और मुख्यमंत्री को जेड फ़्लस की सुरक्षा प्राप्त है. जिसके चलते यह लोग बुलेटप्रूफ कारों से यात्रा करते हैं. उनकी कार की फ्लीट में जैमर युक्त वाहन चलता है.
इन दोनों ही लोगों के आवास पर आने वाली सभी कारों की स्क्रीनिंग होती है. आवास पर आने वाले व्यक्ति के सामान की भी स्कैनिंग होती है, तब कहीं कोई व्यक्ति इनके आवास पर जा सकता है. यही नहीं राज्य में जिस भी कार्यक्रम में उनका भाषण होता हैं, वहां मंच पर बुलेटप्रूफ पोडियम रखा जाता है. बुलेटप्रूफ पोडियम वीवीआईपी सुरक्षा के लिए उपयोग किया जाने वाला एक पोर्टेबल अभेद्य सुरक्षा ढांचा है.
राज्य के हर मंडल में ऐसे पोडियम हैं. इन्हें आसानी से असेंबल/डिसेबल किया जा सकता है. इसमें माइक व ट्यूबलाइट की सुविधा होती है. मुख्य रूप से चुनाव प्रचार के दौरान इनका अधिक उपयोग होता हैं. राज्य में आने वाले हर श्रेणीबद्ध सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी की बुलेटप्रूफ कार फ्लीट में अब उनकी सुरक्षा फ्लीट में एंटी ड्रोन गन रहेगी और उनके कार्यक्रमों में बुलेटप्रूफ पोडियम भी होगा.