अंकिता भंडारी हत्याकांडः आखिर कौन हैं "VIP"?, दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया, जानें अपडेट
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 3, 2026 09:20 IST2026-02-03T09:19:21+5:302026-02-03T09:20:24+5:30
Ankita Bhandari murder case: रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सज़ा सुनाई जा चुकी है।

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नई दिल्लीः उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। इस बीच दिल्ली पुलिस भी एक्शन में है। आपको बता दें कि पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर ‘रिसेप्शनिस्ट’ काम करने वाली 19-वर्षीय अंकिता की रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने वर्ष 2022 में अपने दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। तीनों को सत्र न्यायालय उम्रकैद की सजा सुना चुका है। उत्तराखंड सरकार की सिफारिश के बाद CBI और दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने अंकिता भंडारी की हत्या के सिलसिले में दिल्ली में एक मामला दर्ज किया है।
ऋषिकेश के वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। उनका शव 24 सितंबर को चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। यह मामला तब चर्चा में आया, जब सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल हुए। ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने एक "VIP" के शामिल होने का ज़िक्र किया था।
इसके बाद, पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और CBI जांच की मांग की गई। वायरल वीडियो और मौजूदा हालात को देखते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी, 2026 को CBI जांच की सिफारिश की। इसके बाद, CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने अब कथित "VIP" व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश के बावजूद राज्य की भाजपा सरकार जांच को भटकाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने यह दावा भी किया कि उत्तराखंड सरकार निष्क्रिय हो चुकी है।
गोदियाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अंकिता भंडारी के माता-पिता ने लिखित रूप में मांग की थी कि अंकिता के हत्यारों को फांसी की सजा हो, इस केस में शामिल ‘वीआईपी’ को भी सजा मिले तथा सीबीआई जांच किसी न्यायाधीश की निगरानी में हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की थी कि सीबीआई जांच करवाई जाएगी।
अंकिता के माता-पिता के प्रार्थना पत्र को आधार बनाकार जांच करवाई जानी थी, लेकिन सीबीआई जांच से पहले ही किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गयी और फिर इस प्राथमिकी के आधार पर सीबीआई जांच की बात की गई।’’ यह संदेह पैदा हो चुका है कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री धामी, अंकिता भंडारी हत्याकांड में जांच को भटकाने के लिए कुछ तिकड़म कर रहे हैं।