बिहार के बाहुबली नेता और विधायक अनंत सिंह ने किया ऐलान, यह उनका आखिरी चुनाव रहा, आगे बेटा संभालेगा जिम्मेवारी
By एस पी सिन्हा | Updated: March 16, 2026 16:54 IST2026-03-16T16:54:59+5:302026-03-16T16:54:59+5:30
अनंत सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि अब वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और यह उनका अंतिम कार्यकाल होगा। अगली बार चुनावी मैदान में उनका बेटा उतरेगा।

बिहार के बाहुबली नेता और विधायक अनंत सिंह ने किया ऐलान, यह उनका आखिरी चुनाव रहा, आगे बेटा संभालेगा जिम्मेवारी
पटना: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान करने बेऊर जेल से विधानसभा पहुंचे मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने घोषणा की है कि वह 2030 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनकी राजनीतिक विरासत उनके बेटे संभालेंगे। अनंत सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि अब वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और यह उनका अंतिम कार्यकाल होगा। अगली बार चुनावी मैदान में उनका बेटा उतरेगा।उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही यह बात साफ कर दी थी कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में नहीं रहेंगे तो वह भी चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अब जब यह तय है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं, तो मैंने भी तय कर लिया है कि अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस बार मैं विधायक बन गया हूं, लेकिन यह मेरा अंतिम चुनाव है। अगली बार मैं चुनाव मैदान में नहीं रहूंगा। अब मेरे बाल -बुतुरु चुनाव लड़ेगा। अनंत सिंह ने कहा कि यह उनका आखिरी शपथ ग्रहण था। अब वह सक्रिय रूप से चुनाव नहीं लड़ेंगे और आगे की जिम्मेदारी उनके बेटे और परिवार पर होगी।
उन्होंने कहा कि अगली बार उनका बेटा चुनावी मैदान में उतरेगा और जनता की सेवा करेगा। इस दौरान अनंत सिंह ने अपने जेल से बाहर आने को लेकर कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वह एक महीने के अंदर जेल से बाहर आ जाएंगे। उन्होंने अपने समर्थकों को संदेश देते हुए कहा कि किसी को भी निराश होने की जरूरत नहीं है। हमारे समर्थक परेशान न हों। एक महीने का समय दीजिए, सब कुछ साफ हो जाएगा और हम वापस आ जाएंगे।
वहीं जब पत्रकारों ने उनसे यह सवाल पूछा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, तो उन्होंने कहा कि यह फैसला खुद नीतीश कुमार ही करेंगे। अनंत सिंह ने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं जानते और यह पूरी तरह से मुख्यमंत्री का निर्णय होगा कि उनके बाद राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी।
इसके अलावा पत्रकारों ने उनसे यह भी पूछा कि उन्हें तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार में कौन बेहतर लगता है। इस सवाल पर अनंत सिंह थोड़ा नाराज हो गए और उन्होंने पत्रकार से कहा, “धुत… फालतू सवाल मत कीजिए।” राज्यसभा चुनाव में जीत को लेकर कहा कि एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवार जीतेंगे, जबकि तेजस्वी यादव को दस मिलेंगे।
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह थोड़े भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भले ही राज्यसभा जाएं, लेकिन वह हमेशा उनके नेता बने रहेंगे। साथ ही, उन्होंने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण मौजूद हैं।
उल्लेखनीय है कि अनंत सिंह की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वह कानूनी मुश्किलों से घिरे हुए हैं। उन्होंने पिछले साल 30 अक्टूबर को जनसुराज पार्टी के प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि यह हत्या अनंत सिंह के समर्थकों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत की है।
इसके बाद पटना पुलिस ने उन पर प्राथमिकी दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार किया गया। दिलचस्प बात यह है कि अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। फिलहाल वह बेऊर जेल में बंद हैं, लेकिन उन्होंने जल्द ही बाहर आने का भरोसा जताया है।