सीमा के 10 किमी के अंदर के सारे अवैध अतिक्रमण ध्वस्त होंगे?, अमित शाह ने कहा- बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर बाहर निकालेंगे?
By एस पी सिन्हा | Updated: February 26, 2026 16:30 IST2026-02-26T16:29:09+5:302026-02-26T16:30:07+5:30
बंगाल में अभी चुनाव है और मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार वहाँ भाजपा की सरकार बनने वाली है। वहाँ सरकार का पहला एजेंडा सीमा पर बाड़ का काम समाप्त करना और एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर बाहर करना होगा।

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पटनाः बिहार में सीमांचल के तीन दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में समीक्षा में सीमांचल के सुरक्षा को लेकर बैठक कर रहे हैं। इस दौरान अमित शाह गुरुवार को बिहार के नेपाल सीमा से सटे लेटी पहुंचे, जहां उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की 52वीं बटालियन के बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और समीक्षा भी की। इसी क्रम में अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने कहा कि जिस देश की सीमाएं फेंसिंग से सुरक्षित हैं, वहां निगरानी अपेक्षाकृत आसान होती है।
सीमांचल क्षेत्र में सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर के सारे अवैध अतिक्रमण ध्वस्त होंगे। pic.twitter.com/tvpLbllD9N
— Amit Shah (@AmitShah) February 26, 2026
बंगाल में अभी चुनाव है और मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार वहाँ भाजपा की सरकार बनने वाली है। वहाँ सरकार का पहला एजेंडा सीमा पर बाड़ का काम समाप्त करना और एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर बाहर करना होगा। pic.twitter.com/dgdnspEhEM
— Amit Shah (@AmitShah) February 26, 2026
लेकिन खुली सीमा की सुरक्षा चैलेंजिंग होती है। सीमा सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था, मजबूत इंफॉर्मेशन सिस्टम के साथ स्थानीय लोगों से बातचीत जरूरी है। साथ ही एसएसबी ऑफिसरों को भी तस्करी, सीमा सुरक्षा समेत अन्य आदेश दिए गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी बताया कि लगभग 554 किलोमीटर लंबी बॉर्डर रोड के निर्माण की भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि सीमा से करीब 10 किलोमीटर के अंदर जितने भी अवैध अतिक्रमण किए गए हैं, उसे हटाया जाएगा। साथ ही घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा।
सीमा पर तैनात जवानों को ट्रेनिंग देने की बात भी उन्होंने कही। सीमांचल में अमित शाह ने बंगाल में भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत होगी और हमारी सरकार बनेगी। अमित शाह ने कहा कि बिहार में घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाने के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ा गया था और इसे जनता ने स्वीकार भी किया।
नतीजन बहुमत से यहां एनडीए की जीत हुई। अब बंगाल में चुनाव है और वहां भी भाजपा जीतेगी। जीत के बाद सबसे पहले वहां सीमा वाले इलाके में बाढ़ का काम किया जाएगा। इसे बाद चुन-चुन कर घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा। अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए कहा कि घुसपैठियों को हटाना सिर्फ चुनावी वादा नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जिस देश की सीमाएं फेंसिंग से सुरक्षित हैं, वहां निगरानी अपेक्षाकृत आसान होती है, लेकिन खुली सीमा की सुरक्षा अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने नेपाल के साथ खुली सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, मजबूत सूचना तंत्र और स्थानीय लोगों से बेहतर संवाद बेहद जरूरी है।
उन्होंने एसएसबी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा सुरक्षा, अवैध तस्करी और नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए, ताकि जवानों को प्रशिक्षण स्तर से ही बेहतर रणनीति मिले। अमित शाह ने कहा कि घुसपैठियों पर भारत सरकार के सारे मंत्रालय, बिहार का गृह मंत्रालय, डीएम एसपी और कई सारे संगठनों की तीन दिन में डिटेल मीटिंग होगी और एक कार्य योजना तैयार होगी। उन्होंने कहा कि जनसंख्या का बदलाव किसी भी देश में स्वस्थ्य समाज का निर्माण नहीं करता है।
अतिक्रमण से, घुसपैठ से जनसांख्यिकी का बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल तीनों के लिए बहुत खतरनाक होता है। हम इसको जानते हैं। इसलिए सरकार ने निर्णय किया है कि उच्च स्तर पर जनसंख्यायिकी परिवर्तन उच्च स्तरीय समिति बनायी जायेगी। वह समिति न सिर्फ सीमांत क्षेत्र, बल्कि पूरे देश की समीक्षा करेगी और जनसांख्यिकी परिवर्तन के उपाय सुझाएगी।
सबसे ज्यादा प्रभावित बंगाल, बिहार और झारखंड है। अमित शाह ने कहा कि आज भारत के क्रांतिकारी वीर सावरकर की पुण्यतिथि है। वीर सावरकर न सिर्फ़ आज़ादी की लड़ाई में एक बेमिसाल योद्धा थे, बल्कि एक निडर देशभक्त भी थे जिनकी कलम में बहुत ताकत थी। अपने साहित्य के जरिए उन्होंने पूरे देश में देशभक्ति की लहर जगाई और वे एक ऐसे नेता थे जो बुनियादी सिद्धांतों पर सोचते थे।
चाहे वह छुआछूत का खात्मा हो, भाषाओं का शुद्धिकरण हो या शुद्ध राष्ट्रवाद का नजरिया हो, वीर सावरकर ने इन सभी के लिए बहुत कोशिशें कीं और अपनी मौत तक ऐसा करते रहे। आज पूरे देश की तरफ से, मैं हमारे महान स्वतंत्रता सेनानी, वीर सावरकर को दिल से श्रद्धांजलि देना चाहता हूं।