बिहार में जारी सियासी हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को किया तलब, बागडोगरा में होगी मुलाकात
By एस पी सिन्हा | Updated: March 7, 2026 17:15 IST2026-03-07T17:15:00+5:302026-03-07T17:15:08+5:30
सूत्रों के अनुसार दोनों नेता बागडोगरा से एक साथ कोलकाता के लिए रवाना होंगे। कोलकाता में अमित शाह एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें सम्राट चौधरी भी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

बिहार में जारी सियासी हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को किया तलब, बागडोगरा में होगी मुलाकात
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए नए चेहरे की तलाश तेज हो गई है। इसको लेकर भाजपा और जदयू में हलचल तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तलब किया है। यह मुलाकात बंगाल के बागडोगरा में होगी। सूत्रों के अनुसार दोनों नेता बागडोगरा से एक साथ कोलकाता के लिए रवाना होंगे। कोलकाता में अमित शाह एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें सम्राट चौधरी भी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
दरअसल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे प्रबल दावेदारों में से एक माना जा रहा है। इसी कारण उनकी और अमित शाह की प्रस्तावित मुलाकात को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे बिहार के आगामी नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार एनडीए के अंदर भी संभावित चेहरों को लेकर मंथन जारी है। सियासत के जानकारों का मानना है कि अगर बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति बनती है तो सम्राट चौधरी भाजपा के सबसे मजबूत चेहरों में से एक हो सकते हैं। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ काम कर चुके हैं। हालांकि चर्चा में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री रामकृपाल यादव, विधायक संजीव चौरसिया और पूर्व मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन भी हैं।
वहीं, दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि किसी महिला को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में रेणु कुशवाहा, रमा निषाद, श्रेयसी सिंह या फिर कोई अन्य नाम हो सकता है। बिहार की राजनीति में चर्चा में रविशंकर प्रसाद के नाम की भी चल रही है। उनका राजनीतिक अनुभव करीब-करीब नीतीश कुमार के बराबर ही है। वह भी 1974 की छात्र आंदोलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहभागी रहे हैं। उन्होंने जेपी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाई है और केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक की राजनीति में उनका अनुभव है।