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Coronavirus Lockdown: लॉकडाउन के बीच नागपुर से तमिलनाडु के लिए पैदल निकला युवक, 500 किलोमीटर जाने के बाद मौत

By मनाली रस्तोगी | Updated: April 3, 2020 10:53 IST

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से भारत में हुए लॉकडाउन से सबसे ज्यादा परेशान मजदूर हैं, जिनके पास न ही कोई काम है और न ही उनके पास अपने घरों को जाने का कोई साधन है।

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ठळक मुद्देलोगेश बालासुब्रमनी तीन दिन से लगातार चल रहा था।तीन दिन पहले लोगेश 26 लोगों के साथ महाराष्ट्र के नागपुर से तमिलनाडु के नामक्कल के लिए पैदल निकला था।

हैदराबाद: कोरोना वायरस (Coronavirus) ने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। भारत में भी इस महामारी ने तबाही मचाई हुई है, जिसकी वजह से देश के हर कोने को 14 अप्रैल तक लॉकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में शहरों में मजदूरों के लिए काम का अभाव हो गया है। इसलिए सभी दिहाड़ी मजदूर पैदल ही पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। तमिलनाडु में पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे एक 23 वर्षीय मजदूर की गुरुवार को मौत हो गई।

तमिलनाडु के नामक्कल का निवासी लोगेश बालासुब्रमनी महाराष्ट्र के नागपुर में बतौर दिहाड़ी मजदूर काम करता था, लेकिन लॉकडाउन होने की वजह से नागपुर में कोई काम नहीं था। इस स्थिति में उसने नागपुर से नामक्कल जाने का मन बनाया। मगर जब कोई संसाधन नहीं मिला तो उसने तकरीबन 500 किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय कर दी। हालांकि, जब वह सिकंदराबाद पहुंचा था, तब यहां उसकी एक आश्रय गृह में आराम करते समय मृत्यु हो गई। 

एनडीटीवी की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, लोगेश शेल्टर होम में आराम करने के दौरान एक जगह बैठा ही था कि अचानक वो गिर गया। ऐसा होते देख वहां एक सरकारी डॉक्टर को बुलाया गया, जिसने बताया कि लोगेश की मृत्यु हो चुकी है, जिसके बाद उसके शव को गांधी हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। 

मिली जानकारी के अनुसार, जब लॉकडाउन हुआ तब से इन मजदूरों के पास कोई काम नहीं था। ऐसे में उन्होंने पदयात्रा कर अपने घर जाने की बात सोची थी। लोगेश भी इन्हीं मजदूरों में से एक था, जिसने सबके साथ पदयात्रा की। इस दौरान कभी वो पैदल चले तो कभी कुछ ट्रक वालों ने थोड़ी दूर के लिए उन्हें लिफ्ट दे दी। मगर पुलिस वालों ने उन मजदूरों की मदद करने पर ट्रक वालों की जमकर पिटाई भी की। 

वहीं, लोगेश बालासुब्रमनी के मृत्यु के बाद उसके सभी साथियों ने नागपुर में स्थानीय नेताओं से मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि उन्हें एक गाड़ी दी जाए ताकि वो अपने-अपने घरों को लौट सकें। अगर ऐसा नहीं होता है तो वो फिर से पैदल ही अपने यात्रा पूरी करेंगे। हालांकि, लोगेश की मृत्यु से उसके साथी सदमे में हैं।

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