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किसानों के आंदोलन पर अमरिंदर का हस्तक्षेप का प्रस्ताव स्वागत योग्य: भाजपा महासचिव

By भाषा | Updated: October 27, 2021 23:12 IST

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नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव तरूण चुघ ने किसानों के मुद्दे का समाधान करने के पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के प्रयासों की सराहना की और कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों के साथ जारी गतिरोध को दूर करने के लिए किसी भी हस्तक्षेप का वह स्वागत करते हैं।

तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ गत लगभग 11 महीने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विभिन्न सीमाओं पर किसानों के संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में किसान पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हैं। आंदोलनकारी किसान तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

अमरिंदर सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए चुघ ने एक बयान जारी कर कहा ‘‘केंद्र सरकार किसानों से वार्ता के लिए हमेशा तैयार है और गतिरोध को समाप्त करने के लिए सभी प्रकार के हस्तक्षेप का स्वागत है’’।

सिंह ने बुधवार को घोषणा की थी कि वह अपनी नयी पार्टी गठित करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तीनों कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के मुद्दे पर अपने प्रयासों को जारी रखने के लिए वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलेंगे।

सिंह ने पिछले महीने भी शाह से मुलाकात की थी और किसानों के प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि अगर किसानों के मुद्दे का समाधान निकलता है तो वह भाजपा से गठबंधन को तैयार हैं।

चुघ ने सीमा सुरक्षा बल का क्षेत्राधिकार बढ़ाने के केंद्र के फैसले पर सिंह के रुख की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि सिंह एक सैनिक रहे हैं और वह राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति संवेदनशील हैं।

भाजपा महासचिव ने कहा कि सिंह ने कांग्रेस की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का पंजाब से सफाया हो जाएगा।

केंद्र सरकार ने हाल ही में बीएसएफ कानून में संशोधन किया था ताकि बल को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किमी के बदले 50 किमी के भीतर तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी करने का अधिकार मिल सके।

चुघ ने कहा, ‘‘सिंह एक सैनिक हैं और वह राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उपयुक्त रुख अपना रहे हैं। हम पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू की पाकिस्तान के प्रति हमदर्दी समझ सकते हैं लेकिन यह दुखद है कि वह एक सीमाई राज्य की राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंताओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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