लाइव न्यूज़ :

आवंटियों को अपनी संपत्तियों के हस्तांतरण से 'सदा के लिए' नहीं रोका जा सकता : न्यायालय

By भाषा | Updated: October 8, 2021 21:57 IST

Open in App

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को मौखिक रूप से कहा कि भूखंडों के आवंटियों को अपनी संपत्तियों को स्थानांतरित करने के अपने अधिकार का प्रयोग करने से "सदा के लिए" नहीं रोका जा सकता।

न्यायालय ने सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और कुछ न्यायाधीशों को रियायती दरों पर दिए गए भूखंडों के हस्तांतरण संबंधी मुद्दे से निपटने के लिए गुजरात सरकार द्वारा सौंपी गई एक योजना पर अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए यह टिप्पणी की।

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण और न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने जनहित याचिका दायर करने वाले मौलिन बरोट की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण की आपत्ति पर ध्यान दिया और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह आवंटित भूखंडों के हस्तांतरण संबंधी पहलू से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा पेश की गईं योजनाओं से संबंधित प्रावधानों को हटा दें।

भूषण ने कहा कि ये प्रावधान "मुनाफाखोरी" को प्रोत्साहित करेंगे, क्योंकि जिन व्यक्तियों को उनके पदों के कारण "राज्य की ओर से रियायत" मिली है, उन्हें रियायती दरों पर आवंटित संपत्तियों से लाभ प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

पीठ ने कहा, “हम जो महसूस करते हैं वह यह है कि हम संपत्ति के हस्तांतरण के अधिकार को हमेशा के लिए नहीं रोक सकते। 30 वर्ष और 25 वर्ष उचित अवधि हैं जिसे हमें समझना होगा। लेकिन क्या हम उन्हें उनकी संपत्तियों को स्थानांतरित करने से रोक सकते हैं।”

न्यायालय ने हाउसिंग सोसाइटियों का भी उदाहरण दिया जहां किसी आवंटी को एक निश्चित अवधि के बाद संपत्ति बेचने की अनुमति होती है।

भूषण ने कहा कि संपत्तियों की प्रकृति में अंतर है क्योंकि एक को यह राज्य द्वारा रियायती दरों पर दी गई है जबकि दूसरे के पास यह अनूठा पहलू नहीं है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतममता ने कहा- CRPF की 200 बटालियन आ रही, किचन से समान ले कर मारो?, अभिषेक कह रहे- भाजपा समर्थकों का हाथ-पैर तोड़ो, चुनाव आयोग के पास बीजेपी, वीडियो

कारोबार1500 करोड़ रुपए का नुकसान?, युद्ध विराम की घोषणा और लखनऊ में प्लास्टिक, साबुन, गत्ता, बेकरी, टेक्सटाइल उद्योग के मालिक और कर्मचारियों ने ली राहत की सांस

क्राइम अलर्टजमीन विवाद और कई बार जेल, भू-माफिया गंगदयाल यादव, बेटा समेत 4 अरेस्ट?, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के काफी करीबी?

पूजा पाठAkshaya Tritiya 2026: कब है अक्षय तृतीया?, तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा मुहूर्त और सोना खरीदने का समय?

कारोबारजयपुर मेट्रो परियोजनाः 13038 करोड़ रुपये की लागत, 36 स्टेशन और प्रहलादपुरा से तोड़ी मोड़ तक 41 किमी लंबा

भारत अधिक खबरें

भारतखरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार में नया मुख्यमंत्री?, सीएम नीतीश कुमार ने की अंतिम बार कैबिनेट की अध्यक्षता!, 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण?

भारतबिहार के अस्पतालों में डॉक्टर, रुई और सुई नहीं, कहीं दवा नहीं तो बेड नहीं?, तेजस्वी यादव बोले-अमंगल दोष से ग्रसित स्वास्थ्य विभाग

भारतमप्र राज्यसभा चुनावः मीनाक्षी नटराजन और सज्जन सिंह वर्मा में टक्कर?, कांग्रेस में एक अनार-सौ बीमार?, अपनों की रार में भाजपा न मार ले जाए तीसरी सीट!

भारतKashmir Tourism: कश्मीर में होमस्टे का बढ़ता चलन टूरिज्म में जान डाल रहा

भारतIran-US ceasefire: इरान और अमेरिका के बीच सीजफायर, कश्मीर और लद्दाख में लोग मना रहे जश्न; नेताओं ने दी प्रतिक्रिया