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मुंबई की आवासीय सोसाइटी में टीकाकरण में धोखाधड़ी का आरोप, पुलिस और बीएमसी ने जांच शुरू की

By भाषा | Updated: June 16, 2021 22:36 IST

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मुंबई, 16 जून मुंबई पुलिस और नगर निकाय ने उपनगरीय कांदिवली में एक आवासीय सोसाइटी में कुछ लोगों द्वारा टीकाकरण में ''धोखाधड़ी'' किये जाने के मामले की जांच शुरू कर दी है। कुछ लोगों पर आरोप है कि उन्होंने खुद को एक निजी अस्पताल का प्रतिनिधि बताकर सोसाइटी के सदस्यों के लिये कोविड-19 टीकाकरण शिविर का आयोजन किया था। सोसाइटी के सदस्यों ने कहा था कि उन्हें जो टीका लगाए गए नकली हो सकते हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है लेकिन पुलिस विभिन्न कोणों से मामले की जांच करेगी।

पुलिस उपायुक्त (जोन-11) विशाल ठाकुर ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''हमने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की है और किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। हम केवल जांच कर रहे हैं।''

बृह्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने निगम उपायुक्त (क्षेत्र-7) विश्वास शंकरवार को विस्तृत जांच करने और 48 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

दरअसल, हीरानंदानी हेरिटेज रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन नामक सोसाइटी ने एक शिकायत दी थी, जिसमें कहा गया था कि 30 मई को आवासीय परिसर द्वारा एक टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया था, लेकिन बाद में पाया गया कि को-विन पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले लोगों का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है और उन्हें विभिन्न अस्पतालों के नाम पर प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं।

शिकायत में कहा गया है, ''अगर टीका नकली पाया जाता है, तो जिन लोगों को टीका लगाया गया है, उन्हें इससे निपटने के लिए एक चिकित्सा आपात स्थिति का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, पूरे प्रकरण की तत्काल जांच कराने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की धोखाधड़ी की गतिविधियों को अन्य स्थानों पर दोहराया न जाए।''

एचएचआरडब्ल्यूए ने पांडे नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से शिविर का आयोजन किया था, जिसने अंधेरी के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल का सेल्स प्रतिनिधि होने का दावा किया था। शिकायत में कहा गया है कि शिविर में 390 सदस्यों को 1,260 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से टीके लगाए गए। शिकायत में कहा गया है, ''अब हमें लगता है कि कुछ बेईमान तत्वों ने हमें गुमराह किया है।''

शिकायत में कहा गया है कि नानावती अस्पताल, लाइफलाइन अस्पताल और नेस्को कोविड शिविर के नाम पर टीकाकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करने से वे चौंक गए।

नानावती अस्पताल ने एक बयान में कहा कि उसने ऐसा कोई टीकाकरण शिविर नहीं लगाया । मंगलवार को इसके प्रवक्ता ने कहा, ''हमने अधिकारियों को सूचित कर दिया है और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा रही है।''

एचएचआरडब्ल्यूए ने यह भी कहा कि जिन लोगों को टीका लगाया गया उनमें से किसी को भी बुखार या शरीर में दर्द जैसे सामान्य प्रभाव नहीं थे।

शिकायत के अनुसार संजय गुप्ता शिविर के संयोजक थे, लेकिन उन्होंने टीकों के भुगतान की रसीद नहीं दी। उन्होंने एसोसिएशन से महेंद्र सिंह नाम के एक व्यक्ति को भुगतान करने को कहा था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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