अखिलेश यादव असम में 5 सीटों पर खड़ा करेंगे प्रत्याशी, पश्चिम बंगाल में भी नज़र, सपा को अगले दो वर्षों में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने का लक्ष्य

By राजेंद्र कुमार | Updated: March 9, 2026 16:32 IST2026-03-09T16:32:27+5:302026-03-09T16:32:27+5:30

अखिलेश यादव का मानना है कि सपा को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए यह सबसे अच्छा मौका है. वर्तमान में समाजवादी पार्टी लोकसभा में सीटों के लिहाज से देश में तीसरे स्थान पर है.

Akhilesh Yadav to field candidates on five seats in Assam, with an eye on West Bengal, aiming to elevate the SP to national party status in the next two years | अखिलेश यादव असम में 5 सीटों पर खड़ा करेंगे प्रत्याशी, पश्चिम बंगाल में भी नज़र, सपा को अगले दो वर्षों में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने का लक्ष्य

अखिलेश यादव असम में 5 सीटों पर खड़ा करेंगे प्रत्याशी, पश्चिम बंगाल में भी नज़र, सपा को अगले दो वर्षों में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने का लक्ष्य

लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव अब सपा को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए असम और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों को खड़ा करेंगे. असम की पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को के नाम अखिलेश यादव ने फाइनल कर लिए हैं. जल्दी ही असम का दौरा कर अखिलेश यादव चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों का खुलासा करेंगे. जबकि पश्चिम बंगाल में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से चर्चा करने के बाद अखिलेश यादव वहां चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार का नाम तय करेंगे. 

राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा इसलिए नहीं मिला है 

अखिलेश यादव का मानना है कि सपा को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए यह सबसे अच्छा मौका है. वर्तमान में समाजवादी पार्टी लोकसभा में सीटों के लिहाज से देश में तीसरे स्थान पर है. समाजवादी पार्टी के पास 37 लोकसभा सांसद हैं. राज्यसभा में भी उसकी मौजूदगी है. उत्तर प्रदेश में वह प्रमुख विपक्षी दल है, लेकिन अन्य राज्यों में उसका पर्याप्त विस्तार न होने के कारण अभी उसका दर्जा राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त दल का ही है. समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा पाने के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों में न्यूनतम चार राज्यों में कुल वैध वोटों का कम से कम छह प्रतिशत वोट प्राप्त करना जरूरी है. 

इसके साथ ही लोकसभा में म से कम चार सीटें होनी चाहिए. अथवा पार्टी ने लोकसभा चुनावों में कम से कम तीन विभिन्न राज्यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीती हों.सपा के पास लोकसभा में इस मानक से कहीं ज्यादा सीटें पर हैं, पर यह सिर्फ यूपी में ही हैं. जबकि यूपी के बाहर समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र में दो विधायक और गुजरात में एक विधायक चुनाव जीते हैं. परंतु राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए जो मानक तय हैं उससे अभी अभी पार्टी काफी दूर है. 

असम की इन सीटों पर खड़े करेंगे प्रत्याशी
 
अब इस लक्ष्य को पाने के लिए अखिलेश यादव ने असम और पश्चिम बंगाल के विधान सभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है. इसके तहत सपा असम के पांच मुस्लिम बाहुल्य इलाकों की पांच सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी. असम में विधानसभा के  चुनाव इसी साल होने हैं. असम के विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव, डिंपल यादव और इकरा हसन आदि तमाम नेता चुनाव प्रचार करने भी जाएंगे ताकि पार्टी के प्रत्याशियों की जीत का माहौल बन सके. इसके बाद अखिलेश यादव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से चर्चा कर वहां भी चार से पांच सीटों पर प्रत्याशी खड़े करेंगे. अखिलेश को उम्मीद है कि ममता बनर्जी उनके लिए सीट छोड़ेंगी. 

अखिलेश यादव की इस उम्मीद बीते लोकसभा चुनावों में ममता बनर्जी की पार्टी के लिए अखिलेश यादव द्वारा भदोही सीट छोड़ना था. फिलहाल अखिलेश यादव का यह मानना है कि अगले दो वर्षों में विभिन्न राज्यों में सपा के उम्मीदवारों को विधानसभा चुनाव जीता कर वह समाजवादी पार्टी को वह राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने में सफल होंगे.  

Web Title: Akhilesh Yadav to field candidates on five seats in Assam, with an eye on West Bengal, aiming to elevate the SP to national party status in the next two years

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