Ajit Pawar Plane Crash Updates: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के राजनीतिक करियर के 10 प्रमुख बिंदु, 6 बार उपमुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड
By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 28, 2026 10:52 IST2026-01-28T10:43:48+5:302026-01-28T10:52:30+5:30
Ajit Pawar Plane Crash Live Updates: अजित पवार जिला परिषद चुनावों से पहले चार जनसभाओं को संबोधित करने के लिए बारामती जा रहे थे, तभी यह घटना घटी।

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पुणेः महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती में विमान दुर्घटना में निधन हो गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इसकी पुष्टि की है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और बहन सुप्रिया सुले बारामती के लिए रवाना हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात कर स्थिति की जानकारी और अपडेट प्राप्त किए। अजीत पवार के भाई श्रीनिवास पवार ने बताया, "यह हमारे लिए बहुत दुखद क्षण है। दुर्घटना में कोई भी जीवित नहीं बचा। मेरा बेटा युगेंद्र बारामती के अस्पताल में भर्ती है। हम सभी बारामती जा रहे हैं।
This footage is from Baramati, Maharashtra where Deputy Chief Minister Ajit Pawar's plane crashed. Do you think this is a political conspiracy?#AjitPawar | #PlaneCrashpic.twitter.com/xA0zdvXmxx
— S. (@kaajukatlee) January 28, 2026
अंतिम संस्कार बारामती में होगा।" यह हादसा सुबह उस समय हुआ जब अजीत पवार जिला परिषद चुनावों से पहले चार जनसभाओं को संबोधित करने के लिए अपने गृह नगर पहुंच रहे थे। पवार जिला परिषद चुनावों से पहले चार जनसभाओं को संबोधित करने के लिए बारामती जा रहे थे, तभी यह घटना घटी।
रिकॉर्ड-तोड़ उपमुख्यमंत्री: अजित पवार के नाम महाराष्ट्र के 6 बार उपमुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे जैसे मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया।
बारामती का किला: 1991 से लगातार 7 बार उन्होंने बारामती विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। उनकी जीत का अंतर हमेशा राज्य में सबसे अधिक रहा, जिससे बारामती विकास का एक मॉडल बन गया।
बजट के जादूगर: लंबे समय तक वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने कई बार राज्य का बजट पेश किया। राजकोषीय प्रबंधन और जटिल आवंटन पर उनकी गहरी पकड़ के कारण उन्हें राज्य का "मिस्टर फाइनेंस" माना जाता था।
सहकारी क्षेत्र पर पकड़: राजनीति में आने से पहले उन्होंने पुणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (PDCC) के अध्यक्ष के रूप में 16 साल काम किया। पश्चिमी महाराष्ट्र के चीनी सहकारी कारखानों और दुग्ध संघों पर उनका जबरदस्त प्रभाव था।
एक कड़क प्रशासक: "दादा" के नाम से मशहूर अजित पवार अपनी "नो-नॉनसेन्स" कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। वे सुबह 6 बजे से बैठकें शुरू करने और फाइलों को तुरंत निपटाने के लिए अधिकारियों के बीच प्रसिद्ध थे।
2019 की "80 घंटे की सरकार": 23 नवंबर 2019 की सुबह उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के साथ अचानक उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि यह सरकार केवल 80 घंटे चली, लेकिन इसने उनकी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को मजबूत किया।
2023 की बगावत और NCP में फूट: जुलाई 2023 में उन्होंने अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में बड़ी बगावत की और एकनाथ शिंदे-बीजेपी गठबंधन (महायुति) में शामिल हो गए।
"घड़ी" चुनाव चिन्ह की लड़ाई: विभाजन के बाद उन्होंने चुनाव आयोग में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और अंततः फरवरी 2024 में उन्हें NCP का नाम और 'घड़ी' चुनाव चिन्ह मिला।
सिंचाई और बुनियादी ढांचे पर ध्यान: जल संसाधन मंत्री के रूप में उन्होंने कृष्णा घाटी जैसी विशाल सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया, जो पश्चिमी महाराष्ट्र की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हुईं।
पीढ़ियों के बीच का सेतु: शरद पवार की छाया से शुरुआत करने के बावजूद, अजित पवार युवाओं और स्थानीय नेताओं के लिए पार्टी का मुख्य चेहरा बन गए। सीधे "जनता संवाद" के कारण वे राज्य के सबसे सुलभ नेताओं में से एक थे।