Ajit Pawar Plane Crash: अंतिम 26 मिनट का ब्योरा?, अजित पवार विमान हादसा टाइमलाइन
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 28, 2026 17:41 IST2026-01-28T17:40:06+5:302026-01-28T17:41:07+5:30
Ajit Pawar Plane Crash: नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने पहले कहा था कि विमान खराब दृश्यता के बीच उतरने की कोशिश कर रहा था।

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मुंबईः महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहे विमान को बुधवार सुबह खराब दृश्यता के बाद हवा में एक चक्कर लगाने के बाद एटीसी से उतरने की अनुमति मिल गई थी। लेकिन अंततः अनुमति मिलने के बाद भी विमान ने विमान यातायात नियंत्रण कक्ष (एटीसी) को कोई 'रीड-बैक' या प्रतिक्रिया नहीं दी और कुछ ही क्षण बाद रनवे किनारे पर वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई। नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने पहले कहा था कि विमान खराब दृश्यता के बीच उतरने की कोशिश कर रहा था।
नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी किये गये एक बयान में ‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के दुर्भाग्यपूर्ण ‘लेयरजेट 45’ विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के अंतिम 26 मिनट का ब्योरा दिया गया है। इस दुर्घटना में पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। बारामती में एक 'अनियंत्रित हवाई क्षेत्र' है।
यातायात संबंधी जानकारी बारामती के उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षकों/पायलटों द्वारा प्रदान की जाती है। बारामती विमान यातायात नियंत्रण कक्ष (एटीसी) के अनुसार, विमान से पहली बार सुबह आठ बजकर 18 मिनट पर संपर्क हुआ। इसके बाद, जब विमान बारामती से 30 नॉटिकल मील दूर था तब उसने संपर्क किया।
पायलट को अपने विवेक से ‘दृश्य मौसम संबंधी स्थितियों’ में नीचे उतरने की सलाह दी गई। चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछा। तब उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत हैं और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है। नागर विमानन मंत्रालय के बयान में कहा गया है,‘‘इसके बाद विमान ने आखिरी तौर पर रनवे 11 के करीब आने की सूचना दी, लेकिन कहा कि रनवे उसे दिखाई नहीं दे रहा है। उसने पहले प्रयास में चक्कर लगाना शुरू कर दिया।’’ चक्कर लगाने के बाद, चालक दल से फिर पूछा गया कि क्या वह रनवे को देख सकता है।
जवाब था: ‘‘ फिलहाल रनवे नजर नहीं आ रहा है। जब रनवे नजर आयेगा, हम संपर्क करेंगे।’’ कुछ सेकंड बाद, चालक दल ने बताया कि उसे रनवे दिखाई दे रहा है। बयान में कहा गया है, ‘‘विमान को सुबह आठ बजकर 43 मिनट पर रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई।
हालांकि, उसने (चालक दल ने) लैंडिंग की अनुमति के बारे में कोई सूचना नहीं दी (एटीसी को जवाब नहीं दिया)। इसके बाद, सुबह आठ बजकर 44 मिनट पर एटीसी ने रनवे 11 के किनारे के आसपास आग की लपटें देखीं।’’ आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।