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कृषि कानून : मध्य प्रदेश के श्योपुर में किसानों ने रोका तोमर का काफिला

By भाषा | Updated: May 18, 2021 22:22 IST

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श्योपुर (मप्र), 18 मई केन्द्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को मध्य प्रदेश के श्योपुर में किसानों ने केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का काफिला रोक लिया। किसान केन्द्रीय मंत्री के काफिले में चल रहे वाहनों के सामने आ गए और मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उनसे इन कानूनों को वापस लेने की मांग की।

तोमर श्योपुर-मुरैना संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं और कोविड-19 महामारी के बीच श्योपुर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान श्योपुर आए हुए थे।

तोमर ने श्योपुर जिला चिकित्सालय पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में लगाए जा रहे ऑक्सीजन संयंत्र का भी निरीक्षण किया। इससे पहले तोमर कांग्रेस विधायक बाबू जण्डेल के यहां शोक संवेदना व्यक्त करने उनके निवास गए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब केन्द्रीय मंत्री तोमर का काफिला जिला चिकित्सालय की ओर रवाना हुआ तो शहर में स्थित देहात थाने के सामने किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के दर्जन भर किसान काफिले के सामने आ गए और ‘नरेन्द्र सिंह तोमर मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए इन कृषि कानूनों को वापस लेने की उनसे मांग की।

इस दौरान किसान संगठन के नेताओं ने उनसे कहा “ आप हमारे सांसद हो हमने आपको वोट दिया है और हम भाजपा को वोट देते हैं।”

विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान नेता अनिल सिंह ने केन्द्रीय मंत्री तोमर से कहा, “हमने आपसे बात करने के लिए प्रशासन और भाजपा के पदाधिकारियों से समय मांगा था लेकिन किसी ने हमें अपनी बात रखने का समय नहीं दिया और आप हमें दोषी बताते हो कि हमने आपको सड़क पर रोक लिया।”

सिंह ने तोमर से कहा, “ पिछले कई महीनों से किसान आंदोलनरत हैं और हमारी आपसे मांग है कि काले कानून वापस लिए जाएं, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून बनाया जाए।” इसके बाद पुलिस ने विरोध कर रहे किसानों को तितर-बितर कर दिया।

विरोध प्रदर्शन के बाद पत्रकारों ने जब केन्द्रीय मंत्री तोमर से पूछा कि किसानों ने आपसे मिलने का समय मांगा था लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पाया, तब तोमर ने कहा, ‘‘नहीं ऐसा नहीं है। हम 24 घंटे किसानों से मिलने को तैयार हैं। किसानों से 11 दौर की वार्ता की जा चुकी है। 130 करोड़ का देश इस बात का गवाह है। जो किसान लोग जान बूझकर किसानों के हितों की बात को नहीं मानना चाहते हैं तो उसका इलाज हमारे पास नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने किसानों को बिन्दुवार प्रस्ताव दिया। डेढ़ साल तक कानून स्थगित कर विचार करने का उनसे आग्रह किया, लेकिन वे इस पर तैयार नहीं हुए, तो हमने कहा कि आप अपना प्रस्ताव लेकर आ जाओ, लेकिन उनके पास कोई प्रस्ताव है नहीं, इसलिए वार्ता नहीं हो पा रही है।’’

तोमर ने कहा, ‘‘वे जब भी प्रस्ताव लेकर आएंगे सरकार वार्ता करने को तैयार है।’’

विरोध प्रदर्शन के बाद केन्द्रीय मंत्री जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने ऑक्सीजन संयंत्र सहित अन्य व्यवस्थाएं देखी। केन्द्रीय मंत्री जिला चिकित्सालय के बाद जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में शामिल हुए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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