लाइव न्यूज़ :

पंजाब का खेतिहर मजदूर 370 किलोमीटर साइकिल चलाकर किसानों को समर्थन देने सिंघू बॉर्डर पहुंचा

By भाषा | Updated: December 24, 2020 19:21 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 24 दिसंबर पंजाब का एक खेतीहर मजदूर पंजाब से करीब 370 किलोमीटर साइकिल चला कर दो दिन में किसान आंदोलन के केंद्र बने दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पहुंचा है।

सुखपाल बाजवा नामक मजदूर ने कहा, ‘‘मैं सिंघू बॉर्डर, केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध करने पहुंचा हूं, क्योंकि अगर इन्हें वापस नहीं लिया गया तो मैं अपनी आजीविका खो दूंगा।’’

पंजाब के मोगा जिले से साइकिल चलाकर आए 36 वर्षीय बाजवा सिंघू बॉर्डर पर अपनी साइकिल के साथ धरने में शामिल हुए है। उन्होंने कहा कि वह बस या रेलगाड़ी से दिल्ली आ सकते थे लेकिन इसका मतलब होता कि मेरे परिवार को भूखे रहना पड़ता।

उन्होंने कहा, ‘‘ जब मेरे पास वाहन नहीं है, तो मैं क्या कर सकता हूं। मैं दिहाड़ी मजूदर हूं और केवल खेतों में काम कर मुश्किल से जरूरत पूरी कर पाता हूं। बस या ट्रेन से आना महंगा पड़ता। इसलिए मैने उन पैसों को अपने परिवार के भोजन पर खर्च करना बेहतर समझा।’’

बाजवा ने कहा कि यह सफर मुश्किल था क्योंकि पहली बार मैंने मोगा स्थित अपने गांव से अकेले 370 किलोमीटर की दूरी तय की।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की (सिंघू) की सीमा पर पहुंचने में दो दिन का समया लगा, इस दौरान रास्ते में मैं कुछ समय के लिए रूका जबकि यही दूरी मोटर चालित वाहन से मात्र छह घंटे में तय की जा सकती है।

बाजवा ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर आते वक्त 18 दिसंबर की देर रात मेरी साइकिल का पहिया पंचर हो गया था जिससे यहां पहुंचने में देरी हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं बिस्तर और कुछ जरूरी सामान लेकर 17 दिसंबर को घर से निकला था और अंतत: 19 दिसंबर को यहां पहुंचा। ये कानून मेरी रोजी-रोटी छीन लेंगे जबकि परिवार में कमाने वाला मैं एकमात्र सदस्य हूं। मैं यहां से तबतक नहीं जाऊंगा जबतक वे (सरकार) इन कानूनों को वापस नहीं ले लेते।’’

बाजवा की पुरानी साइकिल के विपरीत सिंघू बॉर्डर पर ही प्रदर्शन स्थल के एक ओर 10 चमचमाती महंगी साइकिलें खड़ी हैं, ये साइकिलें सेवानिवृत्त इंजीनियर 67 वर्षीय रंजीत सिंह और उनके समूह के सदस्यों की है जो स्वेच्छा से करीब एक महीने से प्रदर्शन कर रहे हजारों किसानों का समर्थन करने के लिए आए हैं, इस समूह में शामिल अधिकतर लोगों की उम्र 50 साल से अधिक है।

सिंह और उनका समूह पंजाब के पटियाला से 265 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर 20 दिसंबर को प्रदर्शन स्थल पहुंचा।

उन्होंने बताया कि हम 26 घंटे में दिल्ली पहुंचे जिसमें तीन घंटे का हरियाणा के करनाल में ठहराव शामिल था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारत अधिक खबरें

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos