रोके जाने के बाद प्रियंका को मिली पुलिस हिरासत में मृत व्यक्ति के परिजन से मिलने की इजाजत

By भाषा | Updated: October 20, 2021 20:09 IST2021-10-20T20:09:56+5:302021-10-20T20:09:56+5:30

After being stopped, Priyanka got permission to meet the kin of the deceased in police custody | रोके जाने के बाद प्रियंका को मिली पुलिस हिरासत में मृत व्यक्ति के परिजन से मिलने की इजाजत

रोके जाने के बाद प्रियंका को मिली पुलिस हिरासत में मृत व्यक्ति के परिजन से मिलने की इजाजत

लखनऊ, 20 अक्टूबर आगरा के एक थाने के मालखाने से नकदी चुराने के आरोपी की कथित रूप से पुलिस हिरासत में मौत के बाद उसके परिजन से मिलने जाते वक्त लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर रोकी गई कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को शाम को जाने की इजाजत दे दी गई।

कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने प्रियंका को आगरा जाने की इजाजत दे दी है। उन्हें चार लोगों के साथ जाने की अनुमति मिली है। प्रियंका के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू तथा वरिष्ठ पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम आगरा जा रहे हैं।

इससे पहले लखनऊ पुलिस ने प्रियंका को आगरा जाते वक्त एक्सप्रेस-वे पर रोक लिया था।

पुलिस आयुक्त डी. के. ठाकुर ने 'भाषा' को बताया था, ‘‘आगरा के जिलाधिकारी ने लखनऊ पुलिस से लिखित अनुरोध किया था कि राजधानी से आगरा आने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं को कानून-व्यवस्था के मद्देनजर वहां न आने दिया जाए। इसी कारण कांग्रेस महासचिव और उनके साथ जा रहे अन्य लोगों को लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ सीमा के अंदर ही रोक दिया गया।"

बाद में ठाकुर ने बताया, ''प्रियंका गांधी को न तो हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। एक्सप्रेस-वे पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के कारण यातयात बाधित हो रहा था इसलिये उनसे पहले तो अपने घर या पार्टी कार्यालय जाने को कहा लेकिन जब वह नहीं गयीं तो उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया।''

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस महासचिव आगरा अरुण नामक व्यक्ति के परिजन से मिलने जा रही हैं, जिसकी मंगलवार को कथित रूप से पुलिस हिरासत में मौत हो गई।

प्रियंका को रोके जाने की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पहुंच गये थे और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे थे।

इस बीच, कुशीनगर हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रियंका को रोके जाने की बाबत पूछे गए सवाल पर कहा, ''कानून व्यवस्था सर्वोपरि है कानून के साथ खिलवाड़ किसी को नहीं करने दिया जायेगा।''

आगरा जाने से रोके जाने के बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया था, ''अरूण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई। उनका परिवार न्याय मांग रहा हैं। मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं। उत्तर प्रदेश सरकार को डर किस बात का है? क्यों मुझे रोका जा रहा है। आज भगवान वाल्मीकि की जयंती हैं। प्रधानमंत्री ने महात्मा बुद्ध पर बड़ी बातें कीं, लेकिन वह उनके संदेशों पर हमला कर रहे है।''

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने भी आगरा में कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत पर सरकार को घेरा।

उन्होंने ट्वीट किया, ''आगरा में एक सफाई कर्मी की पुलिस हिरासत में हुई मौत अति-दुःखद व शर्मनाक। उत्तर प्रदेश सरकार दोषियों को सख़्त सज़ा दे तथा पीड़ित परिवार की भी हर प्रकार से पूरी-पूरी मदद करे, बसपा की यह माँग है।''

गौरतलब है कि आगरा के जगदीशपुरा थाने से के मालखाने से 25 लाख रुपये की चोरी के आरोप में वहां सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाले अरुण को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। तलाशी के दौरान अरुण के घर से 15 लाख रुपये बरामद हुए हैं।

आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुनिराज जी. ने बताया कि मंगलवार की रात अरुण की निशानदेही पर चोरी के पैसे बरामद करने के लिए उसके घर की तलाशी ली जा रही थी, उसी दौरान आरोपी की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत लाया हुआ घोषित कर दिया।

मालखाने से नकदी की चोरी और हिरासत में आरोपी की मौत, दोनों मामलों में कुल 11 पुलिसकर्मियों को अभी तक निलंबित किया गया है।

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